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रब्ब-ए-कौनैन ! मेरे दिल की दुआएं सुन ले

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रब्ब-ए-कौनैन ! मेरे दिल की दुआएं सुन ले
रब्ब-ए-कौनैन ! मेरे दिल की दुआएं सुन ले
में हूँ बेचैन मेरे दिल की सदाएं सुन ले

शान आ'ला है तेरी मालिक-ओ-मुख्तार है तू
मुझको मालूम है दुनिया का मददगार है तू

में हूँ मोहताज़ मुझे 'इल्म की दौलत दे-दे
अपने अनमोल ख़ज़ाने से ये ने'मत दे-दे

में हूँ कमज़ोर मुझे दौलत-ए-इमां दे-दे
नातवां बन्दे से भी दीन की खिदमत ले-ले

जलवा-ए-हक़ से मेरे दिल को फ़िरोज़ां कर दे
नूर इस्लाम का चेहरे पे नुमाया कर दे

रब्ब-ए-कौनैन ! मेरे दिल की दुआएं सुन ले

में परेशान हूँ सरमाया-ए-राहत दे-दे
अपने महबूब की सच्ची महोब्बत दे-दे

जिसके सदके में दो 'आलम को बनाया तूने
मेरे मेहबूब जिसे कह के बुलाया तूने

वास्ता उसका गुनहगार की बख्शीश कर दे
अपनी इस बंद-ए-नादिल पे नवाज़िश कर दे

नूर इस्लाम का चेहरे पे नुमाया कर दे

रब्ब-ए-कौनैन ! मेरे दिल की दुआएं सुन ले
में हूँ बेचैन मेरे दिल की सदाएं सुन ले
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Mohammad Wasim

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