Surah Naas Hindi Translation | सूरह नास हिंदी तर्जुमे के साथ
बिस्मिल्ला–हिर्रहमा–निर्रहीम
- कुल अऊजु बिरब बिन नास
- मलिकिन नास
- इलाहिन नास
- मिन शर रिल वसवासिल खन्नास
- अल्लज़ी युवसविसु फी सुदूरिन नास
- मिनल जिन्नति वन नास
शुरू अल्लाह के नाम से जो बहुत बड़ा मेहरबान व निहायत रहम वाला है।
- कह दीजिये कि पनाह में आता हूँ तमाम लोगो के परवर दिगार की
- लोगो के बादशाह की
- लोगो के माबूद की
- वस्वसा डालने वाले खन्नास के शर से
- जो लोगो के सीनो में वस्वसा डालता है
- जिनो और इंसानो में से
सूरह नास की तफसीर
1. ये दो आखिरी सूरतें (सूरह फलक सूरह नास) मुअव्वजातें कहलाती हैं ये उस वक़्त नाज़िल हुई थी जब हुज़ूर सल्लल लाहु अलैहि वसल्लम पर यहूदियों की तरफ से जादू किया गया था और उसके कुछ असरात आप पर ज़ाहिर हुए थे इन सूरतों में इस का इलाज बताया गया है | हदीसो से मालूम होता है कि इन सूरतों की तिलावत और इन से दम करना जादू के असरात दूर करने के लिए बेहतरीन अमल है हुज़ूर सल्लल लाहु अलैहि वसल्लम इन सूरतो की तिलावत करके अपने जिस्म पर दम कर लिया करते थे
2. खन्नास शैतान को कहते हैं इसके मानी छुपने के हैं जब अल्लाह का ज़िक्र होता है तो वह छिप जाता है फिर जब मौक़ा मिलता है तो वस्वसे डालता रहता है
3. जिनो में तो शैतान होते ही हैं इंसानो में भी शयातीन होते हैं जो बहकाते रहते हैं उन कि बाते सुन सुन कर तरह तरह के बुरे खयालात और वस्वसे पैदा होते हैं इसीलिए आयत में दोनों तरह के वस्वसे डालने वालो से पनाह मांगी गयी है अल्लाह हम सब को अपनी पनाह में रखे और हर तरह के शर से बचाये आमीन
4. इस सूरह में बार बार लफ्ज़ नास ला कर तमाम इंसानियत को रब्बे कायनात से जुड़ने कि दावत है कि वही तमाम इंसानो का रब है बादशाह भी है माबूद भी है सब को उसी से लौ लगाने की ज़रुरत है |
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