वो सुनता है सबकी दुआ कर तो देखो
तुम अपने नसीब आज़मा कर तो देखो
सियाही गुनाहों की धूल जाए दिल से
तुम आँखों से आंसू बहा कर तो देखो
वो हय्यू , क़य्यूम , शह-रग से नज़दीक़
मुसीबत में उसको बुला कर तो देखो
वो अल्लाह तुमसे मोहब्बत करेगा
नबी से वफ़ा तुम निभा कर तो देखो
ज़मीं की तुम्हें बादशाही मिलेगी
अलम ला-इलाहा का उठा कर तो देखो
ख़ुदा ख़ुद खरीदार होगा तुम्हारा
शहादत के बाज़ार जा कर तो देखो
महकने लगे रूह दिल शाद होगा
कली ज़िक्र-ए-रब की खिला कर तो देखो
तिलालाओ शे'रों का गुलशन है शाहिद
भरो जोलियाँ मुस्कुरा कर तो देखो
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