Naame Muhammad kitna Meetha Meetha lagta hai
नामे मुहम्मद कितना मीठा मीठा लगता है
नामे मुहम्मद कितना मीठा मीठा लगता है
सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम
लब पर नग्मे सल्ले अला के हाथों में कशकोल
देखो तो सरकार का मँगता कैसा लगता है
इतना दिया सरकार ने मुझको उतनी मेरी औकात नहीं
ये तो करम है उनका वरना मुझमें तो ऐसी बात नहीं
इश्क़े शहे बत्हा से पहले मुफ़लिसों खस्ता हाल था में
नामे मुहम्मद के में क़ुर्बान अब वो मेरे हालात नहीं
नामे मुहम्मद कितना मीठा मीठा लगता है
सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम
यादे नबी में रोने वाला हम दीवानों को
लाख पराया हो वो फिर भी अपना लगता है
नामे मुहम्मद कितना मीठा मीठा लगता है
सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम
अव अदनान की सेज सजी है अर्शे बरी पर आज
हक़ का दुलारा बांध के सेहरा कैसा लगता है
नामे मुहम्मद कितना मीठा मीठा लगता है
सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम
गौसो क़ुतुब अब्दाल क़लन्दर सब उनके मोहताज
मेरा आक़ा सब वालियों का आक़ा लगता है
नामे मुहम्मद कितना मीठा मीठा लगता है
सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम
आओ सुनाएं अपने नबी को अपने दिल की बात
उनके इलावा कौन नियाज़ी अपना लगता है
मेरे तो आप ही सब कुछ हैं रेहमते आलम
में जी रहा हूँ ज़माने में आप ही के लिए
उनके इलावा कौन नियाज़ी अपना लगता है
नामे मुहम्मद कितना मीठा मीठा लगता है
सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम
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