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Shab e Qadr Ki Namaz Ka Tarika / शब ए क़द्र की नमाज़ का तरिका

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Shab e Qadr Ki Namaz Ka Tarika / शब ए क़द्र की नमाज़ का तरिका

 

( हदीसे पाक ) शब् ए क़द्र की रात की फजीलत के बारे में,

 
हमारे नबी सल्लाहों अलैहे वसल्लम इरशाद फ़रमाया : तुम्हारे पास एक महीना है जिसमे एक रात ऐसी भी है जो हजार महीनों से अफजल है जो शख्स इस रात से महरूम रह गया गोया तमाम भलाई से महरूम रह गया और उसकी भलाई से महरूम नहीं )
 

शब् ए क़द्र की नमाज में कितनी रकअत है

 
कुछ लोग सोचते हैँ की Shab e Qadr Ki Namaz,कितनी रकत पढ़े लेकिन ये जान लें की Shab e Qadr Ki Namaz, के रक्त कोई खास नहीं किया गया है जितनी चाहें नमाज अदा करें कुरआन करीम की तिलावत करें जिक्रो आजकार में लगे रहे Shabe Qadr की रात हजार महीनों से अफजल है, हमारे नबी सल्लाहों अलैहे वसल्लम शबे क़द्र में नमाज़ अदा फरमाते क़ुरआन करीम की तिलावत दुआ और जिक्रो आजकार भी फरमाते,|
 

1  शब् ए क़द्र की 4 रक्त नफिल नमाज इस तरीके से पढ़े : सबसे पहले नियत करें,

Shab e Qadr Namaz Ki Niyat,in Hindi,| नियत की मैंने 4 रकात नफिल नमाज़ शब ए कद्र की वास्ते अल्लाह ताला के मुह मेरा कबा शरीफ की तरफ अल्लाहु अकबर, |

( अल्लाहु अकबर कहते हुए नाभ के निचे हाथ को बांध ले जैसे नमाज में बांधते हैँ | उसके बाद सना पढ़े जैसे नमाज में पढ़ते हैँ | ( सना ) सुब्हानका अल्लाहुमा वो बेहम्दीका वतबारकसमुका वतआला जद्दोका वलाइलाहा गैरुका |

शब् ए क़द्र की 4 रक्त नफिल नमाज

 

2  उसके बाद चारो रक्त में सूरह फातिहा के बाद सूरह क़द्र 3 मर्तबा और सुरह एखलास 50 मर्तबा पढ़े फिर सलाम फेरने के बाद सजदा में जाकर ऐक मर्तबा ये पढ़े| सुबहानल्लाही वल्हम्दुलिल्लाहि वला इलाहा इल्लाहो वल्लाहो अकबर वला हवल वला क़ुव्वता इल्ला बिल्लाहिल अलीईल अजिम |पढ़े इसके बाद जो दुआ मांगेगे इंशाअल्लाह क़ुबूल होगी |

शब् ए क़द्र कि 2 रक्त नफील नमाज,

हजरते अली मूर्तजा शेरे खुदा वजहहुल करीम से रवायात है : जो शख्स रमजानुल मुबारक कि 27 वी सहाब में 2 रक्त नमाज इस तरह अदा करें के उसके हर रकत में सूरह फातिहा के बाद सूरह क़द्र एक बार और सूरह एखलास 100 बार पढ़े और जब नमाज़ से फ़ारिग हो जाये तो 100 मर्तबा दुरुद शरीफ पढ़े तो उस शख्स को बे शुमार अजरो सवाब हासिल होगा |

 

3  इस रात खूसूसी दुआ करें अल्लाह तआला इस रात अपने बन्दे से बहुत करीब होता है

( हदीसे पाक ) ,Shab e Qadr Ki Namaz,के बाद की दुआ के बारे में,

हज़रते आइशा रदी अल्लाहो तआला अन्हा ने अर्ज किया या रसूल्लाह सल्लाहों अलैहे वसल्लम अगर मुझे शबे क़द्र मिल जाये तो मैं कौन सी दुआ पढूं तो इरशाद फ़रमाया के तुम ये दुआ पढ़ो

 

 दुआ :  अल्लाहुम्मा इन्नक अफुव्वुन तुहिब्बुल अफव फअंफू अन्नी
Mohammad Wasim

Mohammad Wasim

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