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आ गई मुस्तफ़ा की सवारी, अपने घर को दियों से सजा ल

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आ गई मुस्तफ़ा की सवारी, अपने घर को दियों से सजा ल

या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह !
या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह !

अल्लाहुम्म सल्लि 'अला सय्यिदिना मुहम्मदिन
अल्लाहुम्म सल्लि 'अला सय्यिदिना मुहम्मदिन

व 'अला आलिहि व सह्बिहि व बारिक व सल्लिम

अल्लाहुम्म सल्लि 'अला सय्यिदिना मुहम्मदिन
अल्लाहुम्म सल्लि 'अला सय्यिदिना मुहम्मदिन

आ गई मुस्तफ़ा की सवारी
अपने घर को दियों से सजा लो
दे रहे हैं फ़रिश्ते सलामी
तुम दुरूदों की माला बना लो

अल्लाहुम्म सल्लि 'अला सय्यिदिना मुहम्मदिन
अल्लाहुम्म सल्लि 'अला सय्यिदिना मुहम्मदिन

अपने मँगतों को वो पालते हैं
वो भला किस को कब टालते हैं ?
सदक़ा हसनैन और सय्यिदा का
या नबी ! मेरी झोली में डालो

अल्लाहुम्म सल्लि 'अला सय्यिदिना मुहम्मदिन
अल्लाहुम्म सल्लि 'अला सय्यिदिना मुहम्मदिन

कर के ना'तों से हर-सू चराग़ाँ
यूँ मनाएँगे जश्न-ए-बहाराँ
'आशिक़ो ! आमद-ए-मुस्तफ़ा है
दीप ख़ुशियों के हर-सू जला लो

अल्लाहुम्म सल्लि 'अला सय्यिदिना मुहम्मदिन
अल्लाहुम्म सल्लि 'अला सय्यिदिना मुहम्मदिन


बख़्त चमकेंगे इक दिन हमारे
देख लेंगे वो दिलकश नज़ारे
आप को जो भी सब से हैं प्यारे
उन के सदक़े में हम को बुला लो

अल्लाहुम्म सल्लि 'अला सय्यिदिना मुहम्मदिन
अल्लाहुम्म सल्लि 'अला सय्यिदिना मुहम्मदिन

मिदहत-ए-मुस्तफ़ा ही के सदक़े
हैं, मु'ईन ! अपने सब काम बनते
हर घड़ी ज़िक्र हो मुस्तफ़ा का
इस को अपना वज़ीफ़ा बना लो

अल्लाहुम्म सल्लि 'अला सय्यिदिना मुहम्मदिन
अल्लाहुम्म सल्लि 'अला सय्यिदिना मुहम्मदिन

व 'अला आलिहि व सह्बिहि व बारिक व सल्लिम

अल्लाहुम्म सल्लि 'अला सय्यिदिना मुहम्मदिन
अल्लाहुम्म सल्लि 'अला सय्यिदिना मुहम्मदिन

या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह !
मेरे आक़ा ! मैं सदक़े , या नबी जी !

अल्लाहुम्म सल्लि 'अला सय्यिदिना मुहम्मदिन


ना'त-ख़्वाँ:
ज़ोहैब अशरफ़ी

Mohammad Wasim

Mohammad Wasim

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