आज दूल्हा बना शाह अहमद रज़ा
शाह अहमद रज़ा, शाह अहमद रज़ा
गुल्शन-ए-पुर-ज़िया शाह अहमद रज़ा
बुलबुल-ए-ख़ुश-नवा शाह अहमद रज़ा
दूध का दूध, पानी का पानी किया
किस ने तेरे सिवा शाह अहमद रज़ा
अहल-ए-सुन्नत पे है बार-ए-एहसाँ तेरा
नाइब-ए-मुस्तफ़ा शाह अहमद रज़ा
आस्ताना तेरा छोड़ जाएँ कहाँ
तेरे दर के गदा शाह अहमद रज़ा
मुझ को जो कुछ मिला तेरे दर से मिला
वाह ! क्या है 'अता शाह अहमद रज़ा
क्या ग़रज़ दर-ब-दर मारे मारे फिरें
जब तेरा दर है वा शाह अहमद रज़ा
तेरे मुश्ताक़-ए-ना-दीदा हैं सैंकड़ों
महव-ए-हुस्न-ए-लिक़ा शाह अहमद रज़ा
दोस्त दुश्मन की थी कुछ न हम को ख़बर
तू ने ज़ाहिर किया शाह अहमद रज़ा
एक मैं क्या हज़ारों हैं शैदा तेरे
बंदगान-ए-ख़ुदा शाह अहमद रज़ा
पूछे अल्लाह वालों से रुत्बा तेरा
मरहबा मरहबा शाह अहमद रज़ा
सच तो ये है कसौटी है ईमान की
है खरे से खरा शाह अहमद रज़ा
हम से खोटों को पूछे न पूछे कोई
पूछे आक़ा मेरा शाह अहमद रज़ा
घुट-घुटा घुट-घुटा कर हसद में मरें
तेरे दुश्मन सदा शाह अहमद रज़ा
गुल हज़ारों खिले गुल्शन-ए-दहर में
फूल आ'ला खिला शाह अहमद रज़ा
पूछते क्या फ़रिश्तो हो हुस्न-ए-'अमल
है यहाँ क्या सिवा शाह अहमद रज़ा
ख़ौफ़-ए-महशर और अय्यूब-ए-रज़वी ! तुझे
आप लेंगे बचा शाह अहमद रज़ा
शायर:
सय्यिद अय्यूब अली रज़वी
(ख़लीफ़ा-ए-आ'ला हज़रत)
ना'त-ख़्वाँ:
ओवैस रज़ा क़ादरी
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