या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह !
या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह !
सल्ला 'अलैका या रसूलल्लाह !
व सल्लिम 'अलैका या हबीबल्लाह !
अहल-व्व-सहलन मरहबा, या रसूलल्लाह !
चारों-तरफ़ नूर छाया, आक़ा का मीलाद आया
ख़ुशियों का पैग़ाम लाया, आक़ा का मीलाद आया
अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह !
शम्स-ओ-क़मर और तारे, क्यूँ न हों ख़ुश आज सारे
उन से ही तो नूर पाया, आक़ा का मीलाद आया
अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह !
ख़ुशियाँ मनाते हैं वोही, धूमें मचाते हैं वोही
जिन पर हुवा उन का साया, आक़ा का मीलाद आया
अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह !
है शाद हर इक मुसलमाँ, करता है घर घर चराग़ाँ
गलियों को भी जगमगाया, आक़ा का मीलाद आया
अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह !
मुख़्तार-ए-कुल माने जो उन्हें, नूरी-बशर जाने जो उन्हें
ना'रा उसी ने लगाया, आक़ा का मीलाद आया
अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह !
जो आज महफ़िल में आए, मन की मुरादें वो पाए
सब पर करम हो, ख़ुदाया ! आक़ा का मीलाद आया
अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह !
ग़ौस-उल-वरा और दाता ने, मेरे रज़ा और ख़्वाजा ने
सब ने ही दिन ये मनाया, आक़ा का मीलाद आया
अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह !
ना'त-ए-नबी तुम सुनाओ, 'इश्क़-ए-नबी को बढ़ाओ
हम को रज़ा ने सिखाया, आक़ा का मीलाद आया
अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह !
जिस को शजर जानते हैं, कहना हजर मानते हैं
ऐसा नबी हम ने पाया, आक़ा का मीलाद आया
अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह !
दिल जगमगाने लगे हैं, सब मुस्कुराने लगे हैं
इक कैफ़ सा आज छाया, आक़ा का मीलाद आया
अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह !
कर, ऐ 'उबैद ! उन की मिदहत, तुझ पर ख़ुदा की हो रहमत
तू ने मुक़द्दर ये पाया, आक़ा का मीलाद आया
अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह !
शायर:
ओवैस रज़ा क़ादरी
ना'त-ख़्वाँ:
ओवैस रज़ा क़ादरी
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