नूर से सजा 'अर्श-ए-किब्रिया, आ गए नबी, आ गए नबी
परचमों की है बहार, है ख़ुशी ये शानदार
हर तरफ़ बरस रही है रहमतों की जो फुवार
हर तरफ़ समाँ कैफ़ से भरा, आ गए नबी, आ गए नबी
बारहवीं का नूर दिल पे छा गया, आ गए नबी, आ गए नबी
नूर से सजा 'अर्श-ए-किब्रिया, आ गए नबी, आ गए नबी
हर ग़ुलाम-ए-मुस्तफ़ा कह रहा है मरहबा
इंस-ओ-जिन्न, फ़रिश्ते, हूर, हो रहे हैं सब फ़िदा
शान की अदा, चेहरा चाँद सा, आ गए नबी, आ गए नबी
बारहवीं का नूर दिल पे छा गया, आ गए नबी, आ गए नबी
नूर से सजा 'अर्श-ए-किब्रिया, आ गए नबी, आ गए नबी
मस्ती-ओ-सुरूर में बज़्म-ए-काइनात है
'आशिक़ों में धूम है, जश्न वाली रात है
सज गई ज़मीं, 'अर्श सज गया, आ गए नबी, आ गए नबी
बारहवीं का नूर दिल पे छा गया, आ गए नबी, आ गए नबी
नूर से सजा 'अर्श-ए-किब्रिया, आ गए नबी, आ गए नबी
रब्बि हब ली उम्मती, लब पे है दु'आ सजी
रब ने भी करम किया, ये दु'आ क़ुबूल की
फिर न क्यूँ गदा सारे हों फ़िदा, आ गए नबी, आ गए नबी
बारहवीं का नूर दिल पे छा गया, आ गए नबी, आ गए नबी
नूर से सजा 'अर्श-ए-किब्रिया, आ गए नबी, आ गए नबी
बीबी आमिना का घर नूर से है सर-ब-सर
आ गए हैं रौशनी में शाम के महल नज़र
जान-ए-आमिना, नूर-ए-किब्रिया, आ गए नबी, आ गए नबी
बारहवीं का नूर दिल पे छा गया, आ गए नबी, आ गए नबी
नूर से सजा 'अर्श-ए-किब्रिया, आ गए नबी, आ गए नबी
हो मुबारक, आज ताज वाले आक़ा आ गए
जिन की मिल्कियत में दो-जहान सब समा गए
मालिक-ए-जहाँ, ने'मत-ए-ख़ुदा, आ गए नबी, आ गए नबी
बारहवीं का नूर दिल पे छा गया, आ गए नबी, आ गए नबी
नूर से सजा 'अर्श-ए-किब्रिया, आ गए नबी, आ गए नबी
फ़ानी-ए-हज़ीं का घर भी क़ुमक़ुमों से सज गया
आरज़ू है, झूम कर लबों पे आए ये सदा
क़ब्र में तुझे देख कर, शहा ! आ गए नबी, आ गए नबी
बारहवीं का नूर दिल पे छा गया, आ गए नबी, आ गए नबी
नूर से सजा 'अर्श-ए-किब्रिया, आ गए नबी, आ गए नबी
शायर:
मुहम्मद अश्फ़ाक़ अत्तारी
ना'त-ख़्वाँ:
मुहम्मद अश्फ़ाक़ अत्तारी
हाफ़िज़ ताहिर क़ादरी
ग़ुलाम मुस्तफ़ा क़ादरी
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