भाषा:

खोजें

चमक तुझसे पाते हैं सब पाने वाले

  • यह साझा करें:
चमक तुझसे पाते हैं सब पाने वाले

 
चमक तुझसे पाते हैं सब पाने वाले
मेरा दिल भी चका दे चमकाने वाले
 
बरसता नहीं देख कर अब्र-ए-रहमत
बदों पर भी बरसा दे , बरसाने वाले 
 
मदीने के खित्ते ! ख़ुदा तुझको रक्खे
ग़रीबों, फकीरों के ठहराने वाले
 
तू ज़िंदा है वल्लाह ! तू ज़िंदा है वल्लाह !
मेरे चश्म-ए-'आलम से छुप जाने वाले
 
मैं मुझरीम हूँ आक़ा ! मुझे साथ ले-लो 
के रस्ते में हैं जा-बजा थाने वाले
 
तेरा खाएं, तेरे ग़ुलामों से उलझें
हैं मुनकिर बड़े खाने-गुर्राने वाले
 
रहेगा यूँही उनका चर्चा रहेगा
परे खाके हो जाएं जल जाने वाले
 
अब आयी शफा'अत की सा'अत है आयी
ज़रा चैन ले मेरे गबराने वाले
 
हरम की ज़मीं और कदम रख-के चलना 
अरे सर का मौका है ओ जाने वाले
 
रज़ा नफ़्स दुश्मन है दम में न आना
कहाँ तुमने देखे हैं चन्द्राने वाले
Mohammad Wasim

Mohammad Wasim

एक टिप्पणी छोड़ें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा। आवश्यक फ़ील्ड * से चिह्नित हैं

Your experience on this site will be improved by allowing cookies Cookie Policy