दर्द सह कर भी तेरा नाम लिए जाते हैं
तेरे दीवाने तुझे याद किए जाते हैं
तू नवाज़े, न नवाज़े, तेरी मर्ज़ी, जानाँ !
हम तो सजदे तेरी चौखट पे किए जाते हैं
शुक्रिया तेरा रफ़ूगर ! मगर इतना तो बता
क्या मोहब्बत में गरेबान सीए जाते हैं !
एक हम हैं के हमें कुछ भी नहीं पास-ए-वफ़ा
एक वो हैं जो करम हम पे किए जाते हैं
हम परस्तार-ए-मोहब्बत हैं, हमें जाम से क्या !
वो पिलाते हैं निग़ाहों से, पिए जाते हैं
जाने वाले तेरे क़दमों के निशाँ बाक़ी हैं
हम तो सजदे उन्हीं राहों पे किए जाते हैं
ए फ़ना ! इश्क़ का दस्तूर तुझे क्या मालूम !
इश्क़ में दिल ही नहीं सर भी दिए जाते हैं
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