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दर्द सह कर भी तेरा नाम लिए जाते हैं

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दर्द सह कर भी तेरा नाम लिए जाते हैं

दर्द सह कर भी तेरा नाम लिए जाते हैं
तेरे दीवाने तुझे याद किए जाते हैं

तू नवाज़े, न नवाज़े, तेरी मर्ज़ी, जानाँ !
हम तो सजदे तेरी चौखट पे किए जाते हैं

शुक्रिया तेरा रफ़ूगर ! मगर इतना तो बता
क्या मोहब्बत में गरेबान सीए जाते हैं !

एक हम हैं के हमें कुछ भी नहीं पास-ए-वफ़ा
एक वो हैं जो करम हम पे किए जाते हैं

हम परस्तार-ए-मोहब्बत हैं, हमें जाम से क्या !
वो पिलाते हैं निग़ाहों से, पिए जाते हैं

जाने वाले तेरे क़दमों के निशाँ बाक़ी हैं
हम तो सजदे उन्हीं राहों पे किए जाते हैं

ए फ़ना ! इश्क़ का दस्तूर तुझे क्या मालूम !
इश्क़ में दिल ही नहीं सर भी दिए जाते हैं

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Mohammad Wasim

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