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दिल दिल रमज़ान दिल दिल रमज़ान

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दिल दिल रमज़ान दिल दिल रमज़ान
अब तो सरकार के वसीले से
दिल ही मक्का है दिल मदीना है
जान ले जिसको इश्क़ हो दरकार
रेहमते हक़ यही महीना है

दिल दिल रमज़ान दिल दिल रमज़ान
दिल दिल रमज़ान दिल दिल रमज़ान
अल्लाह का अहसान दिल दिल रमज़ान
शाने नज़ूले क़ुरआन , दिल दिल रमजान

दिल दिल रमज़ान दिल दिल रमज़ान
दिल दिल रमज़ान दिल दिल रमज़ान

सांसें जब तक हैं दिल सवाली रहे
हाथ में रोज़े की वो जाली रहे
दिल मेरा ज़िक्र से न खली रहे
रेहमते हक़ यही महीना है

दिल जो हो जाए वक्फे इश्क़े रसूल
उसमें होता है रहमतों का नुज़ूल
जान ले जिस से हो गयी कोई भूल
रेहमते हक़ यही महीना है

दिल दिल रमज़ान दिल दिल रमज़ान
दिल दिल रमज़ान दिल दिल रमज़ान
अल्लाह का अहसान दिल दिल रमज़ान
शाने नज़ूले क़ुरआन , दिल दिल रमजान

ऐसी बरकात हैं सिमटती नहीं
जितनी बांटो मगर ये गटती नहीं
बदलियां उस आता की छटती नहीं
रेहमते हक़ यही महीना है

ये सना ख्वानियाँ ये हम्दो दुरूद
ये इबादात ये रुकू व सुजूद
देखो हम सब हुए हैं एक वुजूद
रेहमते हक़ यही महीना है

दिल दिल रमज़ान दिल दिल रमज़ान
दिल दिल रमज़ान दिल दिल रमज़ान
अल्लाह का अहसान दिल दिल रमज़ान
शाने नज़ूले क़ुरआन , दिल दिल रमजान
Mohammad Wasim

Mohammad Wasim

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