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दुनिया में मुझे जो भी मिला जितना मिला है

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दुनिया में मुझे जो भी मिला जितना मिला है

दुनिया में मुझे जो भी मिला जितना मिला है
सब कुछ ये मेरी माँ की दुआओं का सिला है
मेरी माँ प्यारी माँ , मेरी माँ प्यारी माँ

गुट्टी में मुझे मिदहते सर्कार मिली है
होटों पे तभी सैयदे आलम की सना है
सब कुछ ये मेरी माँ की दुआओं का सिला है
मेरी माँ प्यारी माँ , मेरी माँ प्यारी माँ

दिन रात ये मेरे, विराओं से वीरां थे मेरे
अब गुलशने उम्मीद का हर फूल खिला है
सब कुछ ये मेरी माँ की दुआओं का सिला है
मेरी माँ प्यारी माँ , मेरी माँ प्यारी माँ

सुन्नी हूँ में चिश्ती हूँ सना-ख्वाने नबी हूँ
क्या क्या मेरी तक़दीर में खालिक ने लिखा है
सब कुछ ये मेरी माँ की दुआओं का सिला है
मेरी माँ प्यारी माँ , मेरी माँ प्यारी माँ

माँ बाप के उठे हुए हाथों की बदौलत
देखो मेरे मालिक ने मुझे कितना दिया है
सब कुछ ये मेरी माँ की दुआओं का सिला है
मेरी माँ प्यारी माँ , मेरी माँ प्यारी माँ

याद आये वफ़ा माँ की तो बह जाते हैं आंसू
दर असल ये सरकार की सुन्नत से वफ़ा है
सब कुछ ये मेरी माँ की दुआओं का सिला है
मेरी माँ प्यारी माँ , मेरी माँ प्यारी माँ

अजमल हूँ में साद सय्यदा ज़ोहरा के बच्चों का
दिल में मेरे हसनैन की अम्मा की हया है
सब कुछ ये मेरी माँ की दुआओं का सिला है
मेरी माँ प्यारी माँ , मेरी माँ प्यारी माँ
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Mohammad Wasim

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