ऐ सब्ज़ गुम्बद वाले, मंज़ूर दुआ करना
जब वक्त नज़ाअ आए, दीदार अता करना!!
ऐ नूरे खुदा आ कर, आँखों मे समा जाना
या दर पे बुला लेना, या ख़्वाब में आ जाना
ऐ पर्दा नशीं दिल के, पर्दों मे रहा करना
जब वक्त नज़ाअ आए, दीदार अता करना!!
ऐ सब्ज़ गुम्बद वाले, मंज़ूर दुआ करना
जब वक्त नज़ाअ आए, दीदार अता करना!!
मै क़ब्र अंधेरी मे, घबराउँगा जब तन्हा
इमदाद को मेरी तुम, आ जाना ज़रा शाहा
रौशन मेरी तुरबद को, ऐ नूरे ख़ुदा करना
जब वक़्त नज़ाअ आए, दीदार अता करना!!
ऐ सब्ज़ गुम्बद वाले, मंज़ूर दुआ करना
जब वक्त नज़ाअ आए, दीदार अता करना!!
मुजरिम हूँ जहाँ भर का, महशर में भरम रखना
रुसवाए ज़माना हूँ, दोज़ख से बचा लेना
मंज़ूर दुआ मेरी, ऐ हबीबे ख़ुदा करना
जब वक्त नज़ाअ आए, दीदार अता करना!!
ऐ सब्ज़ गुम्बद वाले, मंज़ूर दुआ करना
जब वक्त नज़ाअ आए, दीदार अता करना!!
चहरे से ज़िया पाई इन चाँद सितारों ने
उस दर से शिफा पाई दुख दर्द के मारो ने
आता है उन्हें साबिर! हर दुख कि दवा करना
जब वक्त नज़ाअ आए, दीदार अता करना!!
ऐ सब्ज़ गुम्बद वाले, मंज़ूर दुआ करना
जब वक्त नज़ाअ आए, दीदार अता करना!!
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