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फ़सलों को खुदा मिटा दो जलियाँ पर निगाहे जमी है

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फ़सलों को खुदा मिटा दो जलियाँ पर निगाहे जमी है

फासलों को खुदारा ! मिटा दो
रुख से पर्दा अब अपने उठा दो
 
अपना जलवा इसी में दिखा दो
जालियों पर निगाहें जमी हैं
 
एक मुजरिम सियाकर हूँ में
हर खता का सज़ावार हूँ में
 
मेरे चारों तरफ है अँधेरा
रोशनी का तलबगार हूँ में
 
एक दिया ही समज कर जला दो
जालियों पर निगाहें जमी हैं
 
फासलों को खुदारा मिटा दो
जालियों पर निगाहें जमी हैं
 
या शैख़ मुहिय्यूद्दीन या मौलाना मुहिय्यूद्दीन
या मखदूम मुहिय्यूद्दीन या दरवेश मुहिय्यूद्दीन
या ख्वाजा मुहिय्यूद्दीन या सुल्तान मुहिय्यूद्दीन
या शाह मुहिय्यूद्दीन या गौस मुहिय्यूद्दीन
या क़ुतुब मुहिय्यूद्दीन
या सैय्यदु-स-सादात अब्दुल क़ादिर मुहिय्यूद्दीन
 
वज्द में आएगा सारा आलम
हम पुकारेंगे या ग़ौस-ए-आज़म !
 
वो निकल आएंगे जालियों से
और क़दमों में गिर जाएंगे हम
 
फिर कहेंगे के बिगड़ी बना दो
जालियों पर निगाहें जमी हैं
 
फासलों को खुदारा मिटा दो
जालियों पर निगाहें जमी हैं
 
अल मदद या गौस ! अल मदद या गौस !
 
ग़ौस-उल-आ'ज़म हो ग़ौस-उल-वरा हो
नूर हो नूर-ए-सल्ले 'अला हो
 
क्या बयां आपका मर्तबा हो
दस्तगीर और मुश्किल कुशा हो
 
आज दीदार अपने करा दो
जालियों पर निगाहें जमी हैं
 
फासलों को खुदारा मिटा दो
जालियों पर निगाहें जमी हैं
 
अल मदद या गौस ! अल मदद या गौस !
 
सुन रहे हैं वो फ़रियाद मेरी
ख़ाक होगी न बर्बाद मेरी
 
में कहीं भी मरुँ शाह-ए-जिलान
रूह पहुंचेगी बग़दाद मेरी
 
मुज को परवाज़ के पर लगा दो
जालियों पर निगाहें जमी हैं
 
फासलों को खुदारा मिटा दो
जालियों पर निगाहें जमी हैं
 
अल मदद या गौस ! अल मदद या गौस !
 
या शैख़ मुहिय्यूद्दीन या मौलाना मुहिय्यूद्दीन
या मखदूम मुहिय्यूद्दीन या दरवेश मुहिय्यूद्दीन
या ख्वाजा मुहिय्यूद्दीन या सुल्तान मुहिय्यूद्दीन
या शाह मुहिय्यूद्दीन या गौस मुहिय्यूद्दीन
या क़ुतुब मुहिय्यूद्दीन
 
हर वली आपके ज़ेर-ए-पा है
हर 'अदा मुस्तफा की 'अदा है
 
आपने दीन ज़िंदा किया है
डूबतों को सहारा दिया है
 
मेरी कश्ती किनारे लगा दो
जालियों पर निगाहें जमी हैं
 
फासलों को खुदारा मिटा दो
जालियों पर निगाहें जमी हैं
 
अल मदद या गौस ! अल मदद या गौस !
 
फ़िक्र देखो खयालात देखो
ये अकीदत ये जज़्बात देखो
 
में हूँ क्या मेरी औकात देखो
सामने किसकी है ज़ात देखो
 
अये अदीब ! अपने सर को जुकाओ
जालियों पर निगाहें जमी हैं
 
फासलों को खुदारा मिटा दो
जालियों पर निगाहें जमी हैं
 
अल मदद या गौस ! अल मदद या गौस ! 
 
या शैख़ मुहिय्यूद्दीन या मौलाना मुहिय्यूद्दीन
या मखदूम मुहिय्यूद्दीन या दरवेश मुहिय्यूद्दीन
या ख्वाजा मुहिय्यूद्दीन या सुल्तान मुहिय्यूद्दीन
या शाह मुहिय्यूद्दीन या गौस मुहिय्यूद्दीन
या क़ुतुब मुहिय्यूद्दीन
Mohammad Wasim

Mohammad Wasim

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