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गली गली सज गई शहर शहर सज गया

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गली गली सज गई शहर शहर सज गया

गली गली सज गई शहर शहर सज गया

आए नबी प्यारे नबी मेरा भी घर सज गया

मरहबा या मुस्तफ़ा  मरहबा या मुस्तफ़ा 

मुस्तफ़ा से प्यार है दिल से ये इक़रार है

हर कोई मीलाद-ए-नबी करने को तय्यार है

मरहबा या मुस्तफ़ा  मरहबा या मुस्तफ़ा 

दुनिया में जहाँ भी रहें आबाद रहेंगे

जो आमिना के लाल का मीलाद करेंगे

 

मीलाद करेंगे  मीलाद करेंगे 

मीलाद करेंगे  मीलाद करेंगे 

 

झंडे लगाओ  घर को सजाओ 

कर के चराग़ाँ ख़ुशियाँ मनाओ 

 

सरकार आए  मरहबा 

दिलदार आए  मरहबा 

ग़म-ख़्वार आए  मेरे लज-पाल आए  मरहबा 

 

क्या नूर है ख़ुश्बू है उजालों का समाँ है

सरकार के परचम से सजा सारा जहाँ है

चेहरे भी सजे दिल भी सजे घर भी सजे हैं

जो सज न सका ये तो बता घर वो कहाँ है

 

गली गली सज गई शहर शहर सज गया

आए नबी प्यारे नबी मेरा भी घर सज गया

 

मरहबा या मुस्तफ़ा  मरहबा या मुस्तफ़ा 

 

मुस्तफ़ा से प्यार है दिल से ये इक़रार है

हर कोई मीलाद-ए-नबी करने को तय्यार है

 

मरहबा या मुस्तफ़ा  मरहबा या मुस्तफ़ा 

 

दुनिया में जहाँ भी रहें आबाद रहेंगे

जो आमिना के लाल का मीलाद करेंगे

 

मीलाद करेंगे  मीलाद करेंगे 

मीलाद करेंगे  मीलाद करेंगे 

 

ये दिल नबी के ज़िक्र से सरशार बहुत है

मीलाद की महफ़िल से मुझे प्यार बहुत है

वो ख़त्म-ए-रुसुल उन से मोहब्बत है ज़रूरी

बख़्शिश के लिए चाहत-ए-सरकार बहुत है

 

गली गली सज गई शहर शहर सज गया

आए नबी प्यारे नबी मेरा भी घर सज गया

 

मरहबा या मुस्तफ़ा  मरहबा या मुस्तफ़ा 

 

मुस्तफ़ा से प्यार है दिल से ये इक़रार है

हर कोई मीलाद-ए-नबी करने को तय्यार है

 

मरहबा या मुस्तफ़ा  मरहबा या मुस्तफ़ा 

 

दुनिया में जहाँ भी रहें आबाद रहेंगे

जो आमिना के लाल का मीलाद करेंगे

 

मीलाद करेंगे  मीलाद करेंगे 

मीलाद करेंगे  मीलाद करेंगे 

 

घर घर नबी का ज़िक्र है घर घर में चराग़ाँ

हम जश्न-ए-विलादत पे दिल-ओ-जान से क़ुर्बां

तुम हिन्द-ओ-पाक में नहीं दुनिया में देख लो

जज़्बे से मनाते हैं ये सदियों से मुसलमाँ

 

गली गली सज गई शहर शहर सज गया

आए नबी प्यारे नबी मेरा भी घर सज गया

 

मरहबा या मुस्तफ़ा  मरहबा या मुस्तफ़ा 

 

मुस्तफ़ा से प्यार है दिल से ये इक़रार है

हर कोई मीलाद-ए-नबी करने को तय्यार है

 

मरहबा या मुस्तफ़ा  मरहबा या मुस्तफ़ा 

 

दुनिया में जहाँ भी रहें आबाद रहेंगे

जो आमिना के लाल का मीलाद करेंगे

 

मीलाद करेंगे  मीलाद करेंगे 

मीलाद करेंगे  मीलाद करेंगे 

 

झंडे लगाओ  घर को सजाओ 

कर के चराग़ाँ ख़ुशियाँ मनाओ 

 

सरकार आए  मरहबा 

दिलदार आए  मरहबा 

ग़म-ख़्वार आए  मेरे लज-पाल आए  मरहबा 

Mohammad Wasim

Mohammad Wasim

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