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गंज बख्शे फैज़े आलम , मज़हरे नूरे खुदा

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गंज बख्शे फैज़े आलम , मज़हरे नूरे खुदा
गंज बख्शे फैज़े आलम , मज़हरे नूरे खुदा
नाकिसारा पीरे कामिल , कामिलारा रहनुमा
 
गंज बख्शी आपकी मशहूर है , हम पर करम
कर करम करवा करम, दोनों जहां में रख भरम
 
गंज बख्शे फैज़े आलम , मज़हरे नूरे खुदा
नाकिसारा पीरे कामिल , कामिलारा रहनुमा
 
दिलदागी खस्ता दिलों की , आपका दस्तूर है
गंज बख्शी आपके आफ़ाक़ में मशहूर है
 
गंज बख्शे फैज़े आलम , मज़हरे नूरे खुदा
नाकिसारा पीरे कामिल , कामिलारा रहनुमा
 
नरगा-इ-आ'दा में ये कल्बे हजी महसूर है 
अल-मदद या गंज बख्श ! मुन्तज़िर महजूर है
 
गंज बख्शे फैज़े आलम , मज़हरे नूरे खुदा
नाकिसारा पीरे कामिल , कामिलारा रहनुमा
 
या अली मखदूम हजवेरी ! बरा-इ-दस्त्खैर
गैर का होने न दो, हम को गदा, या गंज बख्श
 
गंज बख्शे फैज़े आलम , मज़हरे नूरे खुदा
नाकिसारा पीरे कामिल , कामिलारा रहनुमा
 
गंजे इरफाने इलाही , नेज़ गंजे आफ़ियत
कब अता, या रब्ब ! बई, मिस्कीं बनाम गंज बख्श
 
गंज बख्शे फैज़े आलम , मज़हरे नूरे खुदा
नाकिसारा पीरे कामिल , कामिलारा रहनुमा
Mohammad Wasim

Mohammad Wasim

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