मेरे रज़ा ! प्यारे रज़ा ! मुर्शिद रज़ा ! अहमद रज़ा !
मेरे रज़ा ! प्यारे रज़ा ! मुर्शिद रज़ा ! अहमद रज़ा !
हम ने क्या, अहमद रज़ा ! देखा तुझे
सिर्र-ए-ज़ात-ए-मुस्तफ़ा देखा तुझे
क्या बताऊँ मैं ने क्या देखा तुझे
जो लिखूँ उस से सिवा देखा तुझे
हम ने क्या, अहमद रज़ा ! देखा तुझे
सिर्र-ए-ज़ात-ए-मुस्तफ़ा देखा तुझे
जान जब तक जिस्म में बाक़ी रही
हम ने शैदा दीन का देखा तुझे
हम ने क्या, अहमद रज़ा ! देखा तुझे
सिर्र-ए-ज़ात-ए-मुस्तफ़ा देखा तुझे
भागते थे तुझ से आ'दा-ए-सुनन
परतव-ए-शेर-ए-ख़ुदा देखा तुझे
हम ने क्या, अहमद रज़ा ! देखा तुझे
सिर्र-ए-ज़ात-ए-मुस्तफ़ा देखा तुझे
अहल-ए-सुन्नत को बहुत कुछ दे दिया
गौहर-ए-बहर-ए-सख़ा देखा तुझे
हम ने क्या, अहमद रज़ा ! देखा तुझे
सिर्र-ए-ज़ात-ए-मुस्तफ़ा देखा तुझे
मुक़्तदा आ कर हों तेरे मुक़्तदी
हम ने ऐसा पेशवा देखा तुझे
हम ने क्या, अहमद रज़ा ! देखा तुझे
सिर्र-ए-ज़ात-ए-मुस्तफ़ा देखा तुझे
इस ज़मान-ए-पुर-फ़ितन में, ऐ रज़ा !
इस्तिक़ामत से भरा देखा तुझे
हम ने क्या, अहमद रज़ा ! देखा तुझे
सिर्र-ए-ज़ात-ए-मुस्तफ़ा देखा तुझे
हो इमाम-ए-अहल-ए-सुन्नत बिल-यक़ीं
'आलिमों का मुक़्तदा देखा तुझे
हम ने क्या, अहमद रज़ा ! देखा तुझे
सिर्र-ए-ज़ात-ए-मुस्तफ़ा देखा तुझे
मुल्तजी क्यूँकर न हो तुझ से गदा
बेकसों का मुल्तजा देखा तुझे
हम ने क्या, अहमद रज़ा ! देखा तुझे
सिर्र-ए-ज़ात-ए-मुस्तफ़ा देखा तुझे
बंदा-ए-महमूद जाँ ने, ऐ रज़ा !
मज़हर-ए-ज़ात-ए-ख़ुदा देखा तुझे
हम ने क्या, अहमद रज़ा ! देखा तुझे
सिर्र-ए-ज़ात-ए-मुस्तफ़ा देखा तुझे
शायर:
मुफ़्ती महमूद जान क़ादरी जाम-जोधपुरी
(ख़लीफ़ा-ए-आ'ला हज़रत)
ना'त-ख़्वाँ:
हाफ़िज़ डॉ. निसार अहमद मार्फ़ानी
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