हर ज़माना मेरे हुसैन का है
जान माँगो, मैं दिल नहीं दूँगा
दिल ठिकाना मेरे हुसैन का है
हर ज़माना मेरे हुसैन का है
जिस की ख़ातिर ये काइनात बनी
ऐसा नाना मेरे हुसैन का है
हर ज़माना मेरे हुसैन का है
जिस पे हर इक दुरूद पढ़ता है
वो घराना मेरे हुसैन का है
हर ज़माना मेरे हुसैन का है
ये जो का'बा है तुम न समझोगे
घर पुराना मेरे हुसैन का है
हर ज़माना मेरे हुसैन का है
रात से दिन जो ये निकलता है
मुस्कुराना मेरे हुसैन का है
हर ज़माना मेरे हुसैन का है
तुम जिसे आसमाँ समझते हो
शामियाना मेरे हुसैन का है
हर ज़माना मेरे हुसैन का है
कोई पूछे ये दौर किस का है
तुम बताना मेरे हुसैन का है
हर ज़माना मेरे हुसैन का है
बोलीं ज़हरा ये अश्क दो मुझ को
ये ख़ज़ाना मेरे हुसैन का है
हर ज़माना मेरे हुसैन का है
उग रहा है जो बा'द-ए-कर्ब-ओ-बला
दाना दाना मेरे हुसैन का है
हर ज़माना मेरे हुसैन का है
जिस जगह हुर बनाए जाते हैं
कारख़ाना मेरे हुसैन का है
हर ज़माना मेरे हुसैन का है
जब से घर में सजे है मेरे 'अलम
आना जाना मेरे हुसैन का है
हर ज़माना मेरे हुसैन का है
मुझ में, रेहान ! ये श'ऊर जो है
शा'इराना मेरे हुसैन का है
हर ज़माना मेरे हुसैन का है
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