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हाज़िर है दरे दौलत पे गदा, सरकार तवज्जोह फरमाएं

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हाज़िर है दरे दौलत पे गदा, सरकार तवज्जोह फरमाएं
हाज़िर है दरे दौलत पे गदा, सरकार तवज्जोह फरमाएं
मोहताज-ए-नज़र है हाल मेरा, सरकार तवज्जोह फरमाएं
 
मैं कब आने के क़ाबिल था, रहमत ने यहाँ तक पहुँचाया
सरकार पे तन मन जान फ़िदा, सरकार तवज्जोह फरमाएं
 
मोहताज-ए-नज़र है हाल मेरा, सरकार तवज्जोह फरमाएं
 
मैं कर के सितम अपनी जां पर, क़ुरआन से "जाऊक" सुन कर
आया हूँ बहोत शर्मिदा सा,  सरकार तवज्जोह फरमाएं
 
गर तुम न सुनोगे तो मेरी कौन सुनेगा
गर तुम न करोगे तो करम कौन करेगा
 
आया हूँ बहोत शर्मिदा सा,  सरकार तवज्जोह फरमाएं
 
कोई सजदों की सौगात है न कोई
ज़ोहदो तक़वा मेरे पास सरकार है
 
चल पड़ा हूँ मैं रोज़े की जानिब मगर
है सर पर गुनाहों का अम्बार है 
 
जुर्मो ईस्यां  से अपनी लजाता हुआ
और अश्के नदामत बहता हुआ
 
तेरी रहमत पे नज़रें जमता हुआ
दर पे हाज़िर ये तेरा गुनहगार है
 
आया हूँ बहोत शर्मिदा सा,  सरकार तवज्जोह फरमाएं
 
तेरा सानी कहाँ ? शाहे कौनो मकां
मुझसा आसी भी उम्मत में होगा कहाँ
 
तेरे अफ़्वो करम का शहे दो जहां
क्या कोई मुझसे बढ़ कर भी हक़दार है
 
आया हूँ बहोत शर्मिदा सा,  सरकार तवज्जोह फरमाएं
 
अये गुम्बद-ए-ख़ज़रा के मकीं ! मेरी मदद कर
या फिर ये बता कौन मेरा तेरे सिवा है
 
आया हूँ बहोत शर्मिदा सा,  सरकार तवज्जोह फरमाएं
 
आंसू आंसू हैं फरियादी, और अर्ज़े करम हिचकी हिचकी
धड़कन धड़कन देती है सदा, सरकार तवज्जोह फरमाएं
 
एक मैं ही नहीं पूरी उम्मत, सारी दुनिया, सारी खलकत
तकती है रस्ता रहमत का, सरकार तवज्जोह फरमाएं
 
अये खासा-ए-खांसने रसूल ! वक़्ते दुआ है
उम्मत पे तेरी आके अजब वक़्त पड़ा है
 
एक बार और तु तयबाह से फलस्तीन में आ
रस्ता देखती है मस्जिद-ए-अक़्सा तेरा
 
सरकार तवज्जोह फरमाएं  सरकार तवज्जोह फरमाएं
 
जो दीन बड़ी शान से निकला था वतन से
परदेस में आके वो आज ग़रीबुल गुरबां है
 
सरकार तवज्जोह फरमाएं  सरकार तवज्जोह फरमाएं
 
किस किस को जाकर कहें , ताजदार-ए-हरम !
डेरा डाले हुए हैं दुनिया के ग़म
रहम फार्मा दे अब तेरी उम्मत हैं हम
 
सरकार तवज्जोह फरमाएं  सरकार तवज्जोह फरमाएं
 
बद हैं तो आपके हैं, भले हैं तो आपके
टुकड़ों पे तो यहीं पले, रुख किधर करें
 
सरकार तवज्जोह फरमाएं  सरकार तवज्जोह फरमाएं
 
हाज़िर है दरे दौलत पे गदा, सरकार तवज्जोह फरमाएं
मोहताज-ए-नज़र है हाल मेरा, सरकार तवज्जोह फरमाएं
 
सरकार तवज्जोह फरमाएं सरकार तवज्जोह फरमाएं
 
निगाह-ए-लुत्फ़ के उम्मीदवार हम भी हैं
लिए हुए तो दिल-ए-बेक़रार हम भी हैं
 
हमारे दस्त-ए-तमन्ना की लाज भी रखना
तेरे फकीरों में अये शहर-ए-यार हम भी हैं
 
मोहताज-ए-नज़र है हाल मेरा, सरकार तवज्जोह फरमाएं
सरकार तवज्जोह फरमाएं, सरकार तवज्जोह फरमाएं
 
मैं कब आने के क़ाबिल था, रहमत ने यहाँ तक पहुँचाया
सरकार पे तन मन जान फ़िदा, सरकार तवज्जोह फरमाएं
 
शुक्रिया आपका सुल्तान मदीने वाले !
मुझसा आसी भी है महेमान मदीने वाले !
 
मुज कमीने को मदीने में बुलाया तुमने
है ये अहसान पे अहसान मदीने वाले !
 
ज़ाईर-ए-क़ब्र-ए-मुनव्वर की शफ़ाअत होगी
है यही आपका फरमान मदीने वाले !
 
मैं भी ज़ाईर-ए-रोज़ा हूँ, रसूल-ए-अरबी का
मुझको मत भूलना सुल्तान मदीने वाले !
 
मैं कर के सितम अपनी जां पर, क़ुरआन से "जाऊक" सुन कर
आया हूँ बहोत शर्मिदा सा,  सरकार तवज्जोह फरमाएं
 
तुजसे छुपाऊं मुंह तो करूँ किसके सामने
क्या और भी किसी से तवक़्क़ो नज़र की है
 
जाऊं कहाँ पुकारूँ किसे , किसका मुंह तकूँ
क्या पुर्सिश, और जा भी सग-ए-बेहुनर की है
 
उफ़ ! ये बेहयाईयाँ , के ये मुंह और तेरे हुज़ूर 
हाँ, तु करीम है, तेरी खू दरगुज़र की है
 
मोहताज-ए-नज़र है हाल मेरा, सरकार तवज्जोह फरमाएं
 
एक मैं ही नहीं पूरी उम्मत, सारी दुनिया सारी खलकत
तकती हैं रस्ता रहमत का, सरकार तवज्जोह फरमाएं
 
अल-बहरू अला, वल मौजू तगा, मन बेकसो तूफ़ां होशरुबा
मंझधार में हूँ बिगड़ी है हवा, मोरी नैया पर लगा जाना
 
सैकड़ों के दिल मुनव्वर कर दिए
इस तरफ भी आँख उठा कर देखलो
 
पेश करने के लिए कुछ नहीं बदकार के पास 
ढेरों ईस्यां है गुनहगार के सरदार के पास
 
मैं गुनहगार गुनाहों के सिवा क्या लाता
नेकियां होती हैं सरकार नेकोकर के पास
 
इतना तो करम करना, अये चश्मे करीमाना
जब जान लबों पर हो, तुम सामने आ जाना
 
मोहताज-ए-नज़र है हाल मेरा, सरकार तवज्जोह फरमाएं
सरकार तवज्जोह फरमाएं, सरकार तवज्जोह फरमाएं
 
हाज़िर है दरे दौलत पे गदा, सरकार तवज्जोह फरमाएं
मोहताज-ए-नज़र है हाल मेरा, सरकार तवज्जोह फरमाएं
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