ये भी सोचा है जिसे क़त्ल किया है तुमने
जिसके नाना ने रसूलों की इमामत की है
यज़ीद मुर्दाबाद , मुर्दाबाद रहेगा
हुसैन ज़िंदाबाद , ज़िंदाबाद रहेगा
दश्त में मरकज़-ए-तनवीर नहीं हो सकता
इस क़दर साहिब-ए-तौक़ीर नहीं हो सकता
बोले अब्बास ये कर्बल में लहू से लिख कर
देहर में दूसरा शब्बीर नहीं हो सकताहुसैन ज़िंदाबाद , ज़िंदाबाद रहेगा
मौला हुसैन मौला हुसैन मौला हुसैन
मौला हुसैन मौला हुसैन मौला हुसैन
उम्र-ए-मरदूद तू औक़ात में रहना अपनी
आसमां सर पे उठा लेंगे अली की बेटे
ज़ुल्म जितना भी तुजे करना है करले लेकिन
दीन-ए-इस्लाम बचा लेंगे अली के बेटे
हुसैन ज़िंदाबाद , ज़िंदाबाद रहेगा
अपने ही खूं में डुबोया है मुसल्ला तूने
फिर भी तौहीद का रस्ता नहीं छोड़ा तूने
दिलबर-ए-शेर-ए-ख़ुदा तेरी दिलेरी के निसार
मुंह पे बातिल के लगाया है तमाचा तूने
हुसैन ज़िंदाबाद , ज़िंदाबाद रहेगा
दीन की राह में घर-बार लुटाने वाले
सर बह-ए-तेग अक़ीदत में जुकाने वाले
कट गए , उफ़ न की , इस्लाम के लिए
कितने जांबाज़ हैं हैदर के घराने वाले
हुसैन ज़िंदाबाद , ज़िंदाबाद रहेगा
मौला हुसैन मौला हुसैन मौला हुसैन
मौला हुसैन मौला हुसैन मौला हुसैन
तेरे जज़्बे , तेरे हिसार-ओ-इमामत को सलाम
तेरी हिम्मत , तेरे सब्र , किना'अत को सलाम
आबरू दीन की सर दे के बचाई तूने
या हुसैन इब्न-ए-अली तेरी शहादत को सलाम
हुसैन ज़िंदाबाद , ज़िंदाबाद रहेगा
बादशाह , शाह-ओ-गदा और सिकंदर बोले
मेरे सरकार की मुट्ठी के ये कंकर बोले
मेरे हुसैन को अल्लाह प्यार करता है
लेके हाथों में अलम , सारे कलंदर बोले
हुसैन ज़िंदाबाद , ज़िंदाबाद रहेगा
जो दुश्मन-ए-हुसैन है बर्बाद रहेगा
जो आशिक़-ए-हुसैन है , आबाद रहेगा
हुसैन ज़िंदाबाद , ज़िंदाबाद रहेगा
होठों पे वज़ीफ़ा सदा "हक़ हुसैन" का
गर्दिश न पास आएगी , दिल शाद रहेगा
हुसैन ज़िंदाबाद , ज़िंदाबाद रहेगा
अब्बास के बाज़ू हों , या शब्बीर का सीना
फौलाद था , फौलाद है , फौलाद रहेगा
हुसैन ज़िंदाबाद , ज़िंदाबाद रहेगा
दोनों जहां कहते हैं मेरे हुसैन से
इस्लाम को अहसान तेरा याद रहेगा
हुसैन ज़िंदाबाद , ज़िंदाबाद रहेगा
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