भाषा:

खोजें

ईमान है क़ले मुस्तफ़ई

  • यह साझा करें:
ईमान है क़ले मुस्तफ़ई
ईमान है काले मुस्तफ़ाई
क़ुरआन है हाले मुस्तफ़ाई
 
रोशन कर क़ब्र बेकसों की
अये शम-इ-जमाले मुस्तफ़ाई
 
अंधेर है बे तेरे मेरा घर
अये शम-इ-जमाले मुस्तफ़ाई
 
मुज को शब्-इ-ग़म डरा रही है
अये शम-इ-जमाले मुस्तफ़ाई
 
आँखों में चमक के दिल में आजा
अये शम-इ-जमाले मुस्तफ़ाई
 
मेरी शब् तर दिन बना दे
अये शम-इ-जमाले मुस्तफ़ाई
 
चमका दे नसीब-इ-बे नसीबां
अये शम-इ-जमाले मुस्तफ़ाई
 
दिल सर्द है अपने लौ लगा दे
अये शम-इ-जमाले मुस्तफ़ाई
 
मेरे दिल-इ-मुर्दा को जिला दे
अये शम-इ-जमाले मुस्तफ़ाई
 
ग़म हों घटाएं ग़म की छाईं
अये शम-इ-जमाले मुस्तफ़ाई
 
तारिक है रात ग़मज़दों की
अये शम-इ-जमाले मुस्तफ़ाई
 
हो दोनों जहाँ में मुंह उजाला
अये शम-इ-जमाले मुस्तफ़ाई
 
आँखें तेरी राह तक रही हैं
अये शम-इ-जमाले मुस्तफ़ाई
 
तारीकी-इ-घोर से बचाना
अये शम-इ-जमाले मुस्तफ़ाई
 
लिल्लाह इधर भी कोई फेरा
अये शम-इ-जमाले मुस्तफ़ाई
 
तक़दीर चमक उठे रज़ा की
अये शम-इ-जमाले मुस्तफ़ाई
Mohammad Wasim

Mohammad Wasim

एक टिप्पणी छोड़ें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा। आवश्यक फ़ील्ड * से चिह्नित हैं

Your experience on this site will be improved by allowing cookies Cookie Policy