ईमान है काले मुस्तफ़ाई
क़ुरआन है हाले मुस्तफ़ाई
रोशन कर क़ब्र बेकसों की
अये शम-इ-जमाले मुस्तफ़ाई
अंधेर है बे तेरे मेरा घर
अये शम-इ-जमाले मुस्तफ़ाई
मुज को शब्-इ-ग़म डरा रही है
अये शम-इ-जमाले मुस्तफ़ाई
आँखों में चमक के दिल में आजा
अये शम-इ-जमाले मुस्तफ़ाई
मेरी शब् तर दिन बना दे
अये शम-इ-जमाले मुस्तफ़ाई
चमका दे नसीब-इ-बे नसीबां
अये शम-इ-जमाले मुस्तफ़ाई
दिल सर्द है अपने लौ लगा दे
अये शम-इ-जमाले मुस्तफ़ाई
मेरे दिल-इ-मुर्दा को जिला दे
अये शम-इ-जमाले मुस्तफ़ाई
ग़म हों घटाएं ग़म की छाईं
अये शम-इ-जमाले मुस्तफ़ाई
तारिक है रात ग़मज़दों की
अये शम-इ-जमाले मुस्तफ़ाई
हो दोनों जहाँ में मुंह उजाला
अये शम-इ-जमाले मुस्तफ़ाई
आँखें तेरी राह तक रही हैं
अये शम-इ-जमाले मुस्तफ़ाई
तारीकी-इ-घोर से बचाना
अये शम-इ-जमाले मुस्तफ़ाई
लिल्लाह इधर भी कोई फेरा
अये शम-इ-जमाले मुस्तफ़ाई
तक़दीर चमक उठे रज़ा की
अये शम-इ-जमाले मुस्तफ़ाई
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