इसलिए तो जाते हैं , उम्मती मदीने में
मुस्तफा बनाते हैं , जन्नती मदीने में
अपने घर की चौखट को , फिर न मुड़ के देखूंगा
मुस्तफा अता कर दें , झोपड़ी मदीने में
इसलिए तो जाते हैं , उम्मती मदीने में
मुस्तफा बनाते हैं , जन्नती मदीने में
आप अगर बुला लेंगे , या नबी ! मदीने में
उम्र भर करूँगा मैं , नौकरी मदीने में
इसलिए तो जाते हैं , उम्मती मदीने में
मुस्तफा बनाते हैं , जन्नती मदीने में
मैं नबी का आशिक़ हूँ , मार भी अगर दोगे
रूह मेरी चुपके से , जाएगी मदीने में
इसलिए तो जाते हैं , उम्मती मदीने में
मुस्तफा बनाते हैं , जन्नती मदीने में
मैं बुहारूं पलकों से , मुस्तफा की चौखट को
काश मुझको मिल जाए , नौकरी मदीने में
इसलिए तो जाते हैं , उम्मती मदीने में
मुस्तफा बनाते हैं , जन्नती मदीने में
कौन है ये दीवाना , किसका है ये दीवाना
जन्नत में भी कहता है , जाना है मदीने में
इसलिए तो जाते हैं , उम्मती मदीने में
मुस्तफा बनाते हैं , जन्नती मदीने में
कौन है तेरा रहबर , पूछा तो खिज़र बोले
काली कमली वाले हैं , रहते हैं मदीने में
इसलिए तो जाते हैं , उम्मती मदीने में
मुस्तफा बनाते हैं , जन्नती मदीने में
काश उनके कूचे से , अये सबा ! ले आ पैगाम
चल तुजे बुलाते हैं , मुस्तफा मदीने में
इसलिए तो जाते हैं , उम्मती मदीने में
मुस्तफा बनाते हैं , जन्नती मदीने में
बा'द मेरे मरने के , हर जुबां पे चर्चा था
आदमी वो अच्छा था , मर गया मदीने में
एक टिप्पणी छोड़ें
आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा। आवश्यक फ़ील्ड * से चिह्नित हैं




