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जितना दिया सरकार ने मुझको

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जितना दिया सरकार ने मुझको
जितना दिया सरकार ने मुझको उतनी मेरी औकात नहीं
ये तो करम है उनका वरना मुझमें तो ऐसी बात नहीं

इश्क़े शहे बत्हा से पहले मुफ़लिसों खस्ता हाल था में जी
नाम मुहम्मद के में क़ुर्बान अब वो मेरे हालात नहीं

जितना दिया सरकार ने मुझको उतनी मेरी औकात नहीं
ये तो करम है उनका वरना मुझमें तो ऐसी बात नहीं

तू भी आ इस दर पे यहाँ तो सब की बिगड़ी बनती है यहाँ
इक तेरी तक़दीर बनाना उनके लिए कुछ बात नहीं

जितना दिया सरकार ने मुझको उतनी मेरी औकात नहीं
ये तो करम है उनका वरना मुझमें तो ऐसी बात नहीं

यादे नबी में दिन जो गुज़रे वो दिन सबसे बेहतर हैं जी
यादे नबी में रात जो बीते उस से बेहतर रात नहीं

जितना दिया सरकार ने मुझको उतनी मेरी औकात नहीं
ये तो करम है उनका वरना मुझमें तो ऐसी बात नहीं
Mohammad Wasim

Mohammad Wasim

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