सल्ले-'अला नबिय्यिना ! सल्ले-'अला मुहम्मदिन !
सल्ले-'अला शफ़ी'एना ! सल्ले-'अला मुहम्मदिन !
सदियों से जो करते हैं, वोही काम करेंगे
इस साल भी हम शान से मीलाद करेंगे
गर शान से जीना है तो मीलाद है करना
उठा के सर चलना है तो मीलाद है करना
कहो ना ! कहो ना ! कहो मीलाद वाले हम !
कहो ना ! कहो ना ! कहो मीलाद वाले हम !
मीलाद पे जाऊँ सदक़े वारी
पूरी करेंगे ज़िम्मेदारी
सुन्नी करेंगे ख़ूब तय्यारी
जश्न-ए-नबी है शान हमारी
कहो ना ! कहो ना ! कहो मीलाद वाले हम !
कहो ना ! कहो ना ! कहो मीलाद वाले हम !
हर दर्द में मख़्लूक़ की इमदाद करेंगे
ऐसे भी नबी पाक का मीलाद करेंगे
मीलादी ही मुश्किल में मददगार रहे हैं
काम आ के ग़रीबों के यूँ दिल शाद करेंगे
कहो ना ! कहो ना ! कहो मीलाद वाले हम !
कहो ना ! मरहबा ! मरहबा ! मरहबा !
पैदाइश-ए-सरकार पे जन्नत को सजाया
ये लौह-ओ-क़लम, अर्ज़-ओ-फ़लक ख़ूब सजाया
आक़ा की विलादत पे बेटों से नवाज़ा
ये देख कर शैतान ने फिर मुँह क्यूँ बनाया
कहो ना ! कहो ना ! कहो मीलाद वाले हम !
मीलाद वाले हम ! मीलाद वाले हम !
सुब्ह तयबा में हुई, बटता है बाड़ा नूर का
सदक़ा ले ने नूर का, आया है तारा नूर का
बाग़-ए-तयबा में सुहाना फूल फूला नूर का
मस्त-ए-बू हैं बुलबुलें, पढ़ती हैं कलिमा नूर का
बारहवीं के चाँद का मुजरा है सज्दा नूर का
बारह बुर्जों से झुका एक इक सितारा नूर का
उन के क़स्र-ए-क़द्र से ख़ुल्द एक कमरा नूर का
सिदरा पाएँ बाग़ में नन्हा सा पौदा नूर का
मैं गदा तू बादशाह, भर दे पियाला नूर का
नूर दिन दूना तेरा, दे डाल सदक़ा नूर का
तेरी नस्ल-ए-पाक में है बच्चा बच्चा नूर का
तू है 'ऐन-ए-नूर, तेरा सब घराना नूर का
ऐ रज़ा ! ये अहमद-ए-नूरी का फ़ैज़-ए-नूर है
हो गई मेरी ग़ज़ल बढ़ कर क़सीदा नूर का
कहो ना ! कहो ना ! कहो मीलाद वाले हम !
कहो ना ! कहो ना ! कहो मीलाद वाले हम !
आओ कि चुने नबियों के सुल्तान का रस्ता
जन्नत का है रस्ता, यही एहसान का रस्ता
असहाब-ए-नबी, आल-ए-नबी दोनों का नौकर
कैसे मैं भला छोड़ दूँ क़ुरआन का रस्ता
कहो ना ! कहो ना ! कहो मीलाद वाले हम !
कहो ना ! मरहबा ! मरहबा ! मरहबा !
मीलाद पे जाऊँ सदक़े वारी
पूरी करेंगे ज़िम्मेदारी
सुन्नी करेंगे ख़ूब तय्यारी
जश्न-ए-नबी है शान हमारी
कहो ना ! कहो ना ! कहो मीलाद वाले हम !
कहो ना ! कहो ना ! कहो मीलाद वाले हम !
झालर पे सुन्नियों के हैं जो चाँद-सितारे
'उश्शाक़-ए-मुहम्मद हैं बने दिल के सहारे
हम ढूँडते रहते हैं महाफ़िल में नबी की
इन के बिना तो होते नहीं अपने गुज़ारे
कहो ना ! कहो ना ! कहो मीलाद वाले हम !
मीलाद वाले हम ! मीलाद वाले हम !
अल्लाह की उस ख़ास 'इनायत की ख़ुशी है
सरकार-ए-मुहम्मद की विलादत की ख़ुशी है
क्यूँ फूटती हैं ख़ुशियाँ, ये आसार हैं किस के
वल्लाह ! मेरे मौला की रहमत की ख़ुशी है
कहो ना ! कहो ना ! कहो मीलाद वाले हम !
कहो ना ! कहो ना ! कहो मीलाद वाले हम !
मीलाद पे जाऊँ सदक़े वारी
पूरी करेंगे ज़िम्मेदारी
सुन्नी करेंगे ख़ूब तय्यारी
जश्न-ए-नबी है शान हमारी
कहो ना ! कहो ना ! कहो मीलाद वाले हम !
कहो ना ! कहो ना ! कहो मीलाद वाले हम !
आओ तो करें उन लब-ओ-रुख़्सार की बातें
मीलाद की बातें, मेरे सरकार की बातें
मक्के में जो उतरीं करें अनवार की बातें
घर आमिना के उतरीं फ़िरिश्तों की क़ितारें
लम्हात-ए-विलादत, शह-ए-अबरार की बातें
कहो ना ! कहो ना ! कहो मीलाद वाले हम !
कहो ना ! मरहबा ! मरहबा ! मरहबा !
मीलाद-ए-नबी देखा है दुनिया में, उजागर !
हर सम्त चमकते हैं मुहम्मद के सना-गर
आक़ा की विलादत पे जो करते रहें ख़ुशियाँ
सरकार, ग़ुलामों से ख़ुश होते हैं बराबर
कहो ना ! कहो ना ! कहो मीलाद वाले हम !
कहो ना ! कहो ना ! कहो मीलाद वाले हम !
मीलाद पे जाऊँ सदक़े वारी
पूरी करेंगे ज़िम्मेदारी
सुन्नी करेंगे ख़ूब तय्यारी
जश्न-ए-नबी है शान हमारी
कहो ना ! कहो ना ! कहो मीलाद वाले हम !
मीलाद वाले हम ! मीलाद वाले हम !
शायर:
अल्लामा निसार अली उजागर
ना'त-ख़्वाँ:
साजिद क़ादरी
सल्ले-'अला शफ़ी'एना ! सल्ले-'अला मुहम्मदिन !
सदियों से जो करते हैं, वोही काम करेंगे
इस साल भी हम शान से मीलाद करेंगे
गर शान से जीना है तो मीलाद है करना
उठा के सर चलना है तो मीलाद है करना
कहो ना ! कहो ना ! कहो मीलाद वाले हम !
कहो ना ! कहो ना ! कहो मीलाद वाले हम !
मीलाद पे जाऊँ सदक़े वारी
पूरी करेंगे ज़िम्मेदारी
सुन्नी करेंगे ख़ूब तय्यारी
जश्न-ए-नबी है शान हमारी
कहो ना ! कहो ना ! कहो मीलाद वाले हम !
कहो ना ! कहो ना ! कहो मीलाद वाले हम !
हर दर्द में मख़्लूक़ की इमदाद करेंगे
ऐसे भी नबी पाक का मीलाद करेंगे
मीलादी ही मुश्किल में मददगार रहे हैं
काम आ के ग़रीबों के यूँ दिल शाद करेंगे
कहो ना ! कहो ना ! कहो मीलाद वाले हम !
कहो ना ! मरहबा ! मरहबा ! मरहबा !
पैदाइश-ए-सरकार पे जन्नत को सजाया
ये लौह-ओ-क़लम, अर्ज़-ओ-फ़लक ख़ूब सजाया
आक़ा की विलादत पे बेटों से नवाज़ा
ये देख कर शैतान ने फिर मुँह क्यूँ बनाया
कहो ना ! कहो ना ! कहो मीलाद वाले हम !
मीलाद वाले हम ! मीलाद वाले हम !
सुब्ह तयबा में हुई, बटता है बाड़ा नूर का
सदक़ा ले ने नूर का, आया है तारा नूर का
बाग़-ए-तयबा में सुहाना फूल फूला नूर का
मस्त-ए-बू हैं बुलबुलें, पढ़ती हैं कलिमा नूर का
बारहवीं के चाँद का मुजरा है सज्दा नूर का
बारह बुर्जों से झुका एक इक सितारा नूर का
उन के क़स्र-ए-क़द्र से ख़ुल्द एक कमरा नूर का
सिदरा पाएँ बाग़ में नन्हा सा पौदा नूर का
मैं गदा तू बादशाह, भर दे पियाला नूर का
नूर दिन दूना तेरा, दे डाल सदक़ा नूर का
तेरी नस्ल-ए-पाक में है बच्चा बच्चा नूर का
तू है 'ऐन-ए-नूर, तेरा सब घराना नूर का
ऐ रज़ा ! ये अहमद-ए-नूरी का फ़ैज़-ए-नूर है
हो गई मेरी ग़ज़ल बढ़ कर क़सीदा नूर का
कहो ना ! कहो ना ! कहो मीलाद वाले हम !
कहो ना ! कहो ना ! कहो मीलाद वाले हम !
आओ कि चुने नबियों के सुल्तान का रस्ता
जन्नत का है रस्ता, यही एहसान का रस्ता
असहाब-ए-नबी, आल-ए-नबी दोनों का नौकर
कैसे मैं भला छोड़ दूँ क़ुरआन का रस्ता
कहो ना ! कहो ना ! कहो मीलाद वाले हम !
कहो ना ! मरहबा ! मरहबा ! मरहबा !
मीलाद पे जाऊँ सदक़े वारी
पूरी करेंगे ज़िम्मेदारी
सुन्नी करेंगे ख़ूब तय्यारी
जश्न-ए-नबी है शान हमारी
कहो ना ! कहो ना ! कहो मीलाद वाले हम !
कहो ना ! कहो ना ! कहो मीलाद वाले हम !
झालर पे सुन्नियों के हैं जो चाँद-सितारे
'उश्शाक़-ए-मुहम्मद हैं बने दिल के सहारे
हम ढूँडते रहते हैं महाफ़िल में नबी की
इन के बिना तो होते नहीं अपने गुज़ारे
कहो ना ! कहो ना ! कहो मीलाद वाले हम !
मीलाद वाले हम ! मीलाद वाले हम !
अल्लाह की उस ख़ास 'इनायत की ख़ुशी है
सरकार-ए-मुहम्मद की विलादत की ख़ुशी है
क्यूँ फूटती हैं ख़ुशियाँ, ये आसार हैं किस के
वल्लाह ! मेरे मौला की रहमत की ख़ुशी है
कहो ना ! कहो ना ! कहो मीलाद वाले हम !
कहो ना ! कहो ना ! कहो मीलाद वाले हम !
मीलाद पे जाऊँ सदक़े वारी
पूरी करेंगे ज़िम्मेदारी
सुन्नी करेंगे ख़ूब तय्यारी
जश्न-ए-नबी है शान हमारी
कहो ना ! कहो ना ! कहो मीलाद वाले हम !
कहो ना ! कहो ना ! कहो मीलाद वाले हम !
आओ तो करें उन लब-ओ-रुख़्सार की बातें
मीलाद की बातें, मेरे सरकार की बातें
मक्के में जो उतरीं करें अनवार की बातें
घर आमिना के उतरीं फ़िरिश्तों की क़ितारें
लम्हात-ए-विलादत, शह-ए-अबरार की बातें
कहो ना ! कहो ना ! कहो मीलाद वाले हम !
कहो ना ! मरहबा ! मरहबा ! मरहबा !
मीलाद-ए-नबी देखा है दुनिया में, उजागर !
हर सम्त चमकते हैं मुहम्मद के सना-गर
आक़ा की विलादत पे जो करते रहें ख़ुशियाँ
सरकार, ग़ुलामों से ख़ुश होते हैं बराबर
कहो ना ! कहो ना ! कहो मीलाद वाले हम !
कहो ना ! कहो ना ! कहो मीलाद वाले हम !
मीलाद पे जाऊँ सदक़े वारी
पूरी करेंगे ज़िम्मेदारी
सुन्नी करेंगे ख़ूब तय्यारी
जश्न-ए-नबी है शान हमारी
कहो ना ! कहो ना ! कहो मीलाद वाले हम !
मीलाद वाले हम ! मीलाद वाले हम !
शायर:
अल्लामा निसार अली उजागर
ना'त-ख़्वाँ:
साजिद क़ादरी
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