दर-ए-अक़दस पे हाल-ए-दिल सुनना याद आता है
मदीना याद आता है, मदीना याद आता है
मदीने में जो गुज़रा वो ज़माना याद आता है
मदीना याद आता है, मदीना याद आता है
अदब से बैठ कर उस गुम्बद-ए-ख़ज़रा के साये में
नबी की याद में आंसू बहाना याद आता है
मदीना याद आता है, मदीना याद आता है
रसूलल्लाह के दरबार में, उनकी महोब्बत में
ये तेरा रोज़ो शब् का आना जाना याद आता है
मदीना याद आता है, मदीना याद आता है
अवेस करन बोले माँ इजाज़त दीजिये मुझको
जुदाई में तड़पता हूँ मदीना याद आता है
मदीना याद आता है, मदीना याद आता है
मिज़ारे फातिमा पे कर्बला वालों की याद आयी
मदीने वाले आक़ा का घराना याद आता है
मदीना याद आता है, मदीना याद आता है
नबी के ज़िक्र की महफ़िल में आते ही मुझे मोहसिन
मदीना याद आता था, मदीना याद आता है
मदीना याद आता है, मदीना याद आता है
एक टिप्पणी छोड़ें
आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा। आवश्यक फ़ील्ड * से चिह्नित हैं




