हबीबी जद्दल-हसनैन ! या रसूलल्लाह !
हबीबी जद्दल-हसनैन ! या रसूलल्लाह !
चार-सू उजाला उजाला
मुस्तफ़ा के आने से
ख़ुशियों भरे दिन-रात हैं
मीलाद के लम्हात हैं
दिल के अजब जज़्बात हैं
मीलाद के लम्हात हैं
हबीबी जद्दल-हसनैन ! या रसूलल्लाह !
हबीबी जद्दल-हसनैन ! या रसूलल्लाह !
सय्यिदी या मुस्तफ़ा ! सय्यिदी या मुस्तफ़ा !
मरहबा मरहबा ! मरहबा मरहबा !
'इश्क़-ए-नबी का परचम लिए
ज़िक्र-ए-नबी के वास्ते
क़ुदसी भी मेरे साथ हैं
मीलाद के लम्हात हैं
हबीबी जद्दल-हसनैन ! या रसूलल्लाह !
हबीबी जद्दल-हसनैन ! या रसूलल्लाह !
चार-सू उजाला उजाला
मुस्तफ़ा के आने से
जल्वा-नुमा सरकार हैं
रहमत भरे आसार हैं
मेरे लिए सौग़ात हैं
मीलाद के लम्हात हैं
हबीबी जद्दल-हसनैन ! या रसूलल्लाह !
हबीबी जद्दल-हसनैन ! या रसूलल्लाह !
सय्यिदी या मुस्तफ़ा ! सय्यिदी या मुस्तफ़ा !
मरहबा मरहबा ! मरहबा मरहबा !
गुमराहियों से दूर किया
तारीकियों को नूर किया
आक़ा के एहसानात हैं
मीलाद के लम्हात हैं
हबीबी जद्दल-हसनैन ! या रसूलल्लाह !
हबीबी जद्दल-हसनैन ! या रसूलल्लाह !
सय्यिदी या मुस्तफ़ा ! सय्यिदी या मुस्तफ़ा !
मरहबा मरहबा ! मरहबा मरहबा !
जल्वा दिखाया आप ने
जग जगमगाया आप ने
कि नौशा-ए-बारात हैं
मीलाद के लम्हात हैं
हबीबी जद्दल-हसनैन ! या रसूलल्लाह !
हबीबी जद्दल-हसनैन ! या रसूलल्लाह !
चार-सू उजाला उजाला
मुस्तफ़ा के आने से
सरकार की मीठी नज़र
मुझ पर, उजागर ! पड़ गई
बदले हुए हालात हैं
मीलाद के लम्हात हैं
हबीबी जद्दल-हसनैन ! या रसूलल्लाह !
हबीबी जद्दल-हसनैन ! या रसूलल्लाह !
सय्यिदी या मुस्तफ़ा ! सय्यिदी या मुस्तफ़ा !
मरहबा मरहबा ! मरहबा मरहबा !
शायर:
अल्लामा निसार अली उजागर
ना'त-ख़्वाँ:
आदिल अत्तारी
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