भाषा:

खोजें

मीलाद के लम्हात हैं | सय्यिदी या मुस्तफ़ा मरहबा मरहबा

  • यह साझा करें:
मीलाद के लम्हात हैं | सय्यिदी या मुस्तफ़ा मरहबा मरहबा

हबीबी जद्दल-हसनैन ! या रसूलल्लाह !
हबीबी जद्दल-हसनैन ! या रसूलल्लाह !

चार-सू उजाला उजाला
मुस्तफ़ा के आने से

ख़ुशियों भरे दिन-रात हैं
मीलाद के लम्हात हैं
दिल के अजब जज़्बात हैं
मीलाद के लम्हात हैं

हबीबी जद्दल-हसनैन ! या रसूलल्लाह !
हबीबी जद्दल-हसनैन ! या रसूलल्लाह !

सय्यिदी या मुस्तफ़ा ! सय्यिदी या मुस्तफ़ा !
मरहबा मरहबा ! मरहबा मरहबा !

'इश्क़-ए-नबी का परचम लिए
ज़िक्र-ए-नबी के वास्ते
क़ुदसी भी मेरे साथ हैं
मीलाद के लम्हात हैं

हबीबी जद्दल-हसनैन ! या रसूलल्लाह !
हबीबी जद्दल-हसनैन ! या रसूलल्लाह !

चार-सू उजाला उजाला
मुस्तफ़ा के आने से

जल्वा-नुमा सरकार हैं
रहमत भरे आसार हैं
मेरे लिए सौग़ात हैं
मीलाद के लम्हात हैं

हबीबी जद्दल-हसनैन ! या रसूलल्लाह !
हबीबी जद्दल-हसनैन ! या रसूलल्लाह !

सय्यिदी या मुस्तफ़ा ! सय्यिदी या मुस्तफ़ा !
मरहबा मरहबा ! मरहबा मरहबा !

गुमराहियों से दूर किया
तारीकियों को नूर किया
आक़ा के एहसानात हैं
मीलाद के लम्हात हैं

हबीबी जद्दल-हसनैन ! या रसूलल्लाह !
हबीबी जद्दल-हसनैन ! या रसूलल्लाह !

सय्यिदी या मुस्तफ़ा ! सय्यिदी या मुस्तफ़ा !
मरहबा मरहबा ! मरहबा मरहबा !

जल्वा दिखाया आप ने
जग जगमगाया आप ने
कि नौशा-ए-बारात हैं
मीलाद के लम्हात हैं

हबीबी जद्दल-हसनैन ! या रसूलल्लाह !
हबीबी जद्दल-हसनैन ! या रसूलल्लाह !

चार-सू उजाला उजाला
मुस्तफ़ा के आने से

सरकार की मीठी नज़र
मुझ पर, उजागर ! पड़ गई
बदले हुए हालात हैं
मीलाद के लम्हात हैं

हबीबी जद्दल-हसनैन ! या रसूलल्लाह !
हबीबी जद्दल-हसनैन ! या रसूलल्लाह !

सय्यिदी या मुस्तफ़ा ! सय्यिदी या मुस्तफ़ा !
मरहबा मरहबा ! मरहबा मरहबा !


शायर:

अल्लामा निसार अली उजागर

ना'त-ख़्वाँ:

आदिल अत्तारी

Mohammad Wasim

Mohammad Wasim

एक टिप्पणी छोड़ें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा। आवश्यक फ़ील्ड * से चिह्नित हैं

Your experience on this site will be improved by allowing cookies Cookie Policy