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मेरा मुर्शिद सोहणा

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मेरा मुर्शिद सोहणा

मेरा मुर्शिद सोहणा, मेरा मुर्शिद सोहणा
मेरा मुर्शिद सोहणा, मेरा मुर्शिद सोहणा

मैं नीवाँ मेरा मुर्शिद उच्चा, उचियाँ दे संग लाई
सदक़े जावाँ इनाँ उचियाँ तों जिन्हाँ नीवियाँ नाल निभाई

मेरा मुर्शिद सोहणा, मेरा मुर्शिद सोहणा
मेरा मुर्शिद सोहणा, मेरा मुर्शिद सोहणा

दर मुर्शिद दा ख़ाना-ए-का'बा
हज्ज ज़रूरी करिए
तक़वा रख महबूबाँ वाला
चल दवारा मलिए

मेरा मुर्शिद सोहणा, मेरा मुर्शिद सोहणा
मेरा मुर्शिद सोहणा, मेरा मुर्शिद सोहणा

बेशक मेरे 'अमल ने थोड़े, वेख लो निस्बत मेरी
मँगतियाँ नूँ सुलतान बणावे दाता 'अली हजवेरी

मेरा दाता सोहणा, मेरा दाता सोहणा
मेरा दाता सोहणा, मेरा दाता सोहणा

गँज-बख़्श-ए-फ़ैज़-ए-'आलम मज़हर-ए-नूर-ए-ख़ुदा
नाक़िसाँ रा पीर-ए-कामिल, कामिलाँ रा रहनुमा

मेरा दाता सोहणा, मेरा दाता सोहणा
मेरा दाता सोहणा, मेरा दाता सोहणा

इट्ट खड़क्के, दुक्कड़ वजे, तत्ता होवे चुल्ल्हा
आण फ़क़ीर ते खा खा जावण, राज़ी होवे बुल्ल्हा

बुल्ल्हे शाह सोहणा, बुल्ल्हे शाह सोहणा
बुल्ल्हे शाह सोहणा, बुल्ल्हे शाह सोहणा

अलिफ़ - अल्लाह चम्बे दी बूटी
मुर्शिद मन विच लाई हू
नफ़ी अस्बात दा पाणी मिल्या
हर रगे हर जाई हू
अँदर बूटी मुश्क मचाया
जान फुलण ते आई हू
जीवे मुर्शिद कामिल बाहू
जें ए बूटी लाई हू

हक़ बाहू सोहणा, हक़ बाहू सोहणा
हक़ बाहू सोहणा, हक़ बाहू सोहणा

मैं कोजा, ते रज के कोजा, कोजा जीवें हनेरा
तू सोहणा ते रज के सोहणा, सोहणा जीवें सवेरा

मेरा मुर्शिद सोहणा, मेरा मुर्शिद सोहणा
मेरा मुर्शिद सोहणा, मेरा मुर्शिद सोहणा

जो कोई जिस दा 'आशिक़ होंदा ओसे दी गल कर दा
सो सो मकर बहाने कर के ओधे ए मरने मर दा

मेरा मुर्शिद सोहणा, मेरा मुर्शिद सोहणा
मेरा मुर्शिद सोहणा, मेरा मुर्शिद सोहणा

जिस दिल अँदर 'इश्क़ न रचिया कुत्ते उस तो चँगे
मालिक दे दर राखी कर दे, साबिर, भुख्खे नँगे
मालिक दा दर नैयों छड़ दे, पावें मारो सो सो जुत्ते
उठ, बुल्हेया ! चल यार मना ले, नैं ते बाज़ी ले गए कुत्ते

मेरा मुर्शिद सोहणा, मेरा मुर्शिद सोहणा
मेरा मुर्शिद सोहणा, मेरा मुर्शिद सोहणा

ग़ौस-ए-'आज़म सोहणा, ग़ौस-ए-'आज़म सोहणा
ग़ौस-ए-'आज़म सोहणा, ग़ौस-ए-'आज़म सोहणा

पीराँ दा पीर सोहणा, पीराँ दा पीर सोहणा
पीराँ दा पीर सोहणा, पीराँ दा पीर सोहणा

सिद्दीक़-ए-अकबर सोहणा
फ़ारूक़-ए-'आज़म सोहणा
'उस्मान-ए-ग़नी सोहणा
मौला 'अली सोहणा
चार यार सोहणे
पंज-तन पाक सोहणे
मौला हसन सोहणा
मौला हुसैन सोहणा

मदीने वाला सोहणा, मदीने वाला सोहणा
मदीने वाला सोहणा, मदीने वाला सोहणा

ज़ुल्फ़ दी हर हर कुंडल उत्ते 'आशिक़ दा दिल डोले
सूरत आप दी वेख के, आक़ा ! काफ़िर कलमा बोले

मदीने वाला सोहणा, मदीने वाला सोहणा
मदीने वाला सोहणा, मदीने वाला सोहणा

मुख चँद बदर शा'शानी ए
मथे चमके लाट नुरानी ए
काली ज़ुल्फ़ ते अख मस्तानी ए
मख़्मूर अखीं हेन मद भरि

Mohammad Wasim

Mohammad Wasim

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