मरहबा ! बोलो मरहबा मरहबा !
झूम कर बोलो मरहबा मरहबा !
झूम कर बोलो मरहबा !
मोमिनो ! वक़्त-ए-अदब है
आमद-ए-महबूब-ए-रब है
जा-ए-आदाब-ओ-तरब है
आमद-ए-शाह-ए-'अरब है
मरहबा ! बोलो मरहबा मरहबा !
झूम कर बोलो मरहबा !
बज रहे हैं शादियाने
बुत लगे कलिमा सुनाने
हर ज़बाँ पर हैं तराने
आमद-ए-शाह-ए-'अरब है
मरहबा ! बोलो मरहबा मरहबा !
झूम कर बोलो मरहबा !
अब्र-ए-रहमत छा गया है
का'बे पे झंडा गड़ा है
बाब-ए-रहमत आज वा है
आमद-ए-शाह-ए-'अरब है
मरहबा ! बोलो मरहबा मरहबा !
झूम कर बोलो मरहबा !
बदलियाँ रहमत की छाईं
बूँदियाँ रहमत की आईं
अब मुरादें दिल की पाईं
आमद-ए-शाह-ए-'अरब है
मरहबा ! बोलो मरहबा मरहबा !
झूम कर बोलो मरहबा !
आने वाला है वो प्यारा
दोनों 'आलम का सहारा
का'बे का चमका सितारा
आमद-ए-शाह-ए-'अरब है
मरहबा ! बोलो मरहबा मरहबा !
झूम कर बोलो मरहबा !
आमिना बीबी का जाया
बारहवीं तारीख़ आया
सुब्ह-ए-सादिक़ ने सुनाया
स़लवातुल्लाहि-'अलैका
मरहबा ! बोलो मरहबा मरहबा !
झूम कर बोलो मरहबा !
उठो, आया ताज वाला
'अर्श की आँखों का तारा
सब कहो, ऐ माह-ए-तयबा !
स़लवातुल्लाहि-'अलैका
मरहबा ! बोलो मरहबा मरहबा !
झूम कर बोलो मरहबा !
दीन का हो बोल-बाला
सुन्नियों का रुख़ उजाला
दुश्मनों का मुँह हो काला
स़लवातुल्लाहि-'अलैका
मरहबा ! बोलो मरहबा मरहबा !
झूम कर बोलो मरहबा !
शायर:
ना'त-ख़्वाँ:
ओवैस रज़ा क़ादरी
फ़रहान अली क़ादरी
ग़ुलाम मुस्तफ़ा क़ादरी
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