मदीना छोड़ आए हैं, मदीना छोड़ आए हैं
मदीना छोड़ आए हैं, मदीना छोड़ आए हैं
मदीना छोड़ आए, अपनी दुनिया छोड़ आए हैं
हमारे पास जितना था असासा छोड़ आए हैं
मदीना छोड़ आए हैं, मदीना छोड़ आए हैं
मदीना छोड़ आए हैं, मदीना छोड़ आए हैं
मदीना छोड़ आए हैं, मदीना छोड़ आए हैं
ख़ुदा का घर भी छूटा है नबी का आस्ताना भी
लगा है दोहरा ग़म, मक्का-मदीना छोड़ आए हैं
मदीना छोड़ आए हैं, मदीना छोड़ आए हैं
मदीना छोड़ आए हैं, मदीना छोड़ आए हैं
मदीना छोड़ आए हैं, मदीना छोड़ आए हैं
अभी तक दिल वहीं पर है, अभी तक जाँ वहीं पर है
दिल-ओ-जाँ को वहाँ रोता बिलकता छोड़ आए हैं
मदीना छोड़ आए हैं, मदीना छोड़ आए हैं
मदीना छोड़ आए हैं, मदीना छोड़ आए हैं
मदीना छोड़ आए हैं, मदीना छोड़ आए हैं
मदीने के दर-ओ-दीवार, रस्ते सब महकते हैं
ज़रा सा 'इत्र ले कर मुश्क-ए-नाफ़ा छोड़ आए हैं
मदीना छोड़ आए हैं, मदीना छोड़ आए हैं
मदीना छोड़ आए हैं, मदीना छोड़ आए हैं
मदीना छोड़ आए हैं, मदीना छोड़ आए हैं
ख़ुदा जाने वो कैसी नूर और किरनों की बस्ती थी
अँधेरा है यहाँ पर, हम उजाला छोड़ आए हैं
मदीना छोड़ आए हैं, मदीना छोड़ आए हैं
मदीना छोड़ आए हैं, मदीना छोड़ आए हैं
मदीना छोड़ आए हैं, मदीना छोड़ आए हैं
अभी तक याद आती है मज़ार-ए-हम्ज़ा की रौनक़
भला क्यूँ सय्यिदु-श्शुहदा का ख़ित्ता छोड़ आए हैं
मदीना छोड़ आए हैं, मदीना छोड़ आए हैं
मदीना छोड़ आए हैं, मदीना छोड़ आए हैं
मदीना छोड़ आए हैं, मदीना छोड़ आए हैं
रियाज़ुल-जन्ना वो मिंबर से घर तक सारा ही गोशा
जहान-ए-ख़ुल्द का वो हुस्न सारा छोड़ आए हैं
मदीना छोड़ आए हैं, मदीना छोड़ आए हैं
मदीना छोड़ आए हैं, मदीना छोड़ आए हैं
मदीना छोड़ आए हैं, मदीना छोड़ आए हैं
हुआ है ख़त्म वीज़ा अब कफ़-ए-अफ़सोस मलते हैं
सुनहरी जालियों का हुस्न सारा छोड़ आए हैं
मदीना छोड़ आए हैं, मदीना छोड़ आए हैं
मदीना छोड़ आए हैं, मदीना छोड़ आए हैं
मदीना छोड़ आए हैं, मदीना छोड़ आए हैं
जहाँ से सारी दुनिया में, उजागर ! फ़ैज़ जारी है
बक़ी'-ए-पाक में ज़हरा का रौज़ा छोड़ आए हैं
मदीना छोड़ आए हैं, मदीना छोड़ आए हैं
मदीना छोड़ आए हैं, मदीना छोड़ आए हैं
मदीना छोड़ आए हैं, मदीना छोड़ आए हैं
शायर:
अल्लामा निसार अली उजागर
ना'त-ख़्वाँ:
हाफ़िज़ ग़ुलाम मुस्तफ़ा क़ादरी
सय्यिद हस्सानुल्लाह हुसैनी
मदीना छोड़ आए हैं, मदीना छोड़ आए हैं
मदीना छोड़ आए, अपनी दुनिया छोड़ आए हैं
हमारे पास जितना था असासा छोड़ आए हैं
मदीना छोड़ आए हैं, मदीना छोड़ आए हैं
मदीना छोड़ आए हैं, मदीना छोड़ आए हैं
मदीना छोड़ आए हैं, मदीना छोड़ आए हैं
ख़ुदा का घर भी छूटा है नबी का आस्ताना भी
लगा है दोहरा ग़म, मक्का-मदीना छोड़ आए हैं
मदीना छोड़ आए हैं, मदीना छोड़ आए हैं
मदीना छोड़ आए हैं, मदीना छोड़ आए हैं
मदीना छोड़ आए हैं, मदीना छोड़ आए हैं
अभी तक दिल वहीं पर है, अभी तक जाँ वहीं पर है
दिल-ओ-जाँ को वहाँ रोता बिलकता छोड़ आए हैं
मदीना छोड़ आए हैं, मदीना छोड़ आए हैं
मदीना छोड़ आए हैं, मदीना छोड़ आए हैं
मदीना छोड़ आए हैं, मदीना छोड़ आए हैं
मदीने के दर-ओ-दीवार, रस्ते सब महकते हैं
ज़रा सा 'इत्र ले कर मुश्क-ए-नाफ़ा छोड़ आए हैं
मदीना छोड़ आए हैं, मदीना छोड़ आए हैं
मदीना छोड़ आए हैं, मदीना छोड़ आए हैं
मदीना छोड़ आए हैं, मदीना छोड़ आए हैं
ख़ुदा जाने वो कैसी नूर और किरनों की बस्ती थी
अँधेरा है यहाँ पर, हम उजाला छोड़ आए हैं
मदीना छोड़ आए हैं, मदीना छोड़ आए हैं
मदीना छोड़ आए हैं, मदीना छोड़ आए हैं
मदीना छोड़ आए हैं, मदीना छोड़ आए हैं
अभी तक याद आती है मज़ार-ए-हम्ज़ा की रौनक़
भला क्यूँ सय्यिदु-श्शुहदा का ख़ित्ता छोड़ आए हैं
मदीना छोड़ आए हैं, मदीना छोड़ आए हैं
मदीना छोड़ आए हैं, मदीना छोड़ आए हैं
मदीना छोड़ आए हैं, मदीना छोड़ आए हैं
रियाज़ुल-जन्ना वो मिंबर से घर तक सारा ही गोशा
जहान-ए-ख़ुल्द का वो हुस्न सारा छोड़ आए हैं
मदीना छोड़ आए हैं, मदीना छोड़ आए हैं
मदीना छोड़ आए हैं, मदीना छोड़ आए हैं
मदीना छोड़ आए हैं, मदीना छोड़ आए हैं
हुआ है ख़त्म वीज़ा अब कफ़-ए-अफ़सोस मलते हैं
सुनहरी जालियों का हुस्न सारा छोड़ आए हैं
मदीना छोड़ आए हैं, मदीना छोड़ आए हैं
मदीना छोड़ आए हैं, मदीना छोड़ आए हैं
मदीना छोड़ आए हैं, मदीना छोड़ आए हैं
जहाँ से सारी दुनिया में, उजागर ! फ़ैज़ जारी है
बक़ी'-ए-पाक में ज़हरा का रौज़ा छोड़ आए हैं
मदीना छोड़ आए हैं, मदीना छोड़ आए हैं
मदीना छोड़ आए हैं, मदीना छोड़ आए हैं
मदीना छोड़ आए हैं, मदीना छोड़ आए हैं
शायर:
अल्लामा निसार अली उजागर
ना'त-ख़्वाँ:
हाफ़िज़ ग़ुलाम मुस्तफ़ा क़ादरी
सय्यिद हस्सानुल्लाह हुसैनी
एक टिप्पणी छोड़ें
आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा। आवश्यक फ़ील्ड * से चिह्नित हैं




