मौला अली मौला, मौला अली मौला,
मौला अली मौला, मौला अली मौला।
मंज़र फिदा-ए-दहर में सारा अली का है,
जिस समत देखे वो नज़ारा अली का है।
मौला अली मौला, मौला अली मौला,
मौला अली मौला, मौला अली मौला।
ख़ामोश है तो दीन की पहचान अली है,
गर बोले तो लगता है के कुरआन अली है,
हर यज़ीदी से कह सुन्नियो खुल कर,
इस्लाम अली है मेरा ईमान अली है।
मौला अली मौला, मौला अली मौला,
मौला अली मौला, मौला अली मौला।
मुझे मुश्किलों से क्या ख़तरा अली का नाम काफ़ी है,
अज़ल का रोक दूं रस्ता अली का नाम काफ़ी है,
लहद में या अली कह कर अचानक मैं जो उठ बैठा,
फ़रिश्तो ने कहा सो जा अली का नाम काफ़ी है।
मौला अली मौला, मौला अली मौला,
मौला अली मौला, मौला अली मौला।
अली के नाम का नारा लगा नहीं सकता,
अली के ज़िक्र की महफ़िल सजा नहीं सकता,
अली के बेटे इज्जत अगर ना दे तो,
किसी का बाप भी जन्नत में जा नहीं सकता।
मौला अली मौला, मौला अली मौला,
मौला अली मौला, मौला अली मौला।
बने सूफी जज़्बात में बहने वाले,
कलंदर बने इश्क में जलने वाले,
क़ुतुब बन गए दर्दो-गम सहने वाले,
वली बन गए या अली कहने वाले।
मौला अली मौला, मौला अली मौला,
मौला अली मौला, मौला अली मौला।
बेदम यही तो पांच है मकसूद-ए-कायनात,
खैर-उन-निसा हुसैन-ओ-हसन मुस्तफा अली।
मौला अली मौला, मौला अली मौला,
मौला अली मौला, मौला अली मौला।
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