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मेरा दिल और मेरी जान मदीने वाले

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मेरा दिल और मेरी जान मदीने वाले

मेरा दिल और मेरी जान मदीने वाले

मदीना इस लिए अत्तार जानों दिल से है प्यारा
के रहते हैं मेरे आक़ा मेरे दिलबर मदीने में

मदीना मदीना हमारा मदीना
हमें जानों दिल से है प्यारा मदीना

खुदा गर क़यामत में फरमाए मानगो
लगाएंगे दीवाने नारा मदीना

मेरा दिल और मेरी जान मदीने वाले
तुजपे सो जान से क़ुर्बान मदीने वाले

फिर तमन्ना-इ-ज़ियारत ने किया दिल बेचैन

आखरी वक़्त है क्या रोनके दुनिया देखूं
अब तो बस एक ही धुन है के मदीना देखूं

मेरे मौला मेरी आँखें मुझे वापस करदे
आके इक बार में जी भर के मदीना देखूं

फिर तमन्ना-इ-ज़ियारत ने किया दिल बेचैन
फिर मदीने का है अरमान मदीने वाले

मेरा दिल और मेरी जान मदीने वाले

लिखदे लिखदे मेरी क़िस्मत में मदीना लिख दे

रातें भी मदीने की , बातें भी मदीने की
जीने में ये जीना है , क्या बात है जीने की

तारीफ़ के लाईक जब अल्फ़ाज़ नहीं मिलते
किस तरह करे कोई तारीफ़ मदीने की

अरसा हुआ तयबाह की गलियों से वो गुज़रे थे
इस वक़्त भी गलियों में खुशबु है पसीने की

लिखदे लिखदे मेरी क़िस्मत में मदीना लिख दे

है तेरी मिल्क कलमदान मदीने वाले
मेरा दिल और मेरी जान मदीने वाले

भर दे भर दे मेरे आक़ा मेरी जोली भरदे

तू ज़माने के मुख़्तार हो या नबी
बेकसों के मददगार हो या नबी

सबकी सुनते हो अपने हों या गैर हों
तुम गरीबों के गमख्वार हो या नबी

उस्मान जांनशीने पयम्बर का वास्ता
मुश्किल कुशा फ़ातेहे खैबर का वास्ता
अब्बास के कटे हुए शानों का वास्ता
शब्बीर के जले हुए ख़ैमे का वास्ता

भर भर दे मेरे आक़ा मेरी जोली भर दे
अब न रख बेसरो सामान मदीने वाले

मेरा दिल और मेरी जान मदीने वाले

अब अये रब्बुल-उला और क्या चाहिए
मिल गए मुस्तफा और क्या चाहिए

दामने मुस्तफा जिनके हाथों में है
उनको रोज़े जज़ा और क्या चाहिए

आप अपनी गुलामी की दे दें सनद
बस यही इज़्ज़तो मर्तबा चाहिए

भर के जोली मेरी मेरे सरकार ने
मुस्कुरा कर कहा और क्या चाहिए

'सगे तयबाह' मुझे सब कहके पुकारें बेदम
यही रक्खें मेरी पहचान मदीने वाले

मेरा दिल और मेरी जान मदीने वाले
Mohammad Wasim

Mohammad Wasim

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