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मिल गई ऐसी ज़िया है गौस ए आज़म आपसे

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मिल गई ऐसी ज़िया है गौस ए आज़म आपसे

मिल गई ऐसी ज़िया है गौस ए आज़म आपसे,

दिल में रौशन हुआ है गौस ए आज़म आपसे।


जानो दिल कुर्बान कर देना नबी (ﷺ) के नाम पे,

हमने तो ये ही पढ़ा है गौस ए आज़म आपसे।


कर दिया सब कुछ अता हमको खुदा के फज़्ल से,

क्या नहीं हमको मिला है गौस ए आज़म आपसे।

 

आपकी चश्म ए तवज्जो ही का तो ये फैज़ है,

भर गया दामन मेरा है गौस ए आज़म आपसे।

 

दिफअतन ही सारे आलमो मसाईब मिट गए,

हाल अपना जब कहा है गौस ए आज़म आपसे।

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Mohammad Wasim

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