मिल गई ऐसी ज़िया है गौस ए आज़म आपसे,
दिल में रौशन हुआ है गौस ए आज़म आपसे।
जानो दिल कुर्बान कर देना नबी (ﷺ) के नाम पे,
हमने तो ये ही पढ़ा है गौस ए आज़म आपसे।
कर दिया सब कुछ अता हमको खुदा के फज़्ल से,
क्या नहीं हमको मिला है गौस ए आज़म आपसे।
आपकी चश्म ए तवज्जो ही का तो ये फैज़ है,
भर गया दामन मेरा है गौस ए आज़म आपसे।
दिफअतन ही सारे आलमो मसाईब मिट गए,
हाल अपना जब कहा है गौस ए आज़म आपसे।




