सरकार की आमद ! मरहबा !
दिलदार की आमद ! मरहबा !
मंठार की आमद ! मरहबा !
सब मिल कर बोलो ! मरहबा !
नबी का जश्न आया है, फ़िदा हैं 'आशिक़ान-ए-रसूल
नबी का जश्न आया है, फ़िदा हैं 'आशिक़ान-ए-रसूल
जश्न-ए-आक़ा से हमें तो 'इश्क़ है और प्यार है
झूम जाओ, 'आशिक़ो ! कि आमद-ए-सरकार है
नबी का जश्न आया है, फ़िदा हैं 'आशिक़ान-ए-रसूल
नबी का जश्न आया है, फ़िदा हैं 'आशिक़ान-ए-रसूल
आज हैं हर जगह 'आशिक़ान-ए-रसूल
महव-ए-ना'त-ओ-सना 'आशिक़ान-ए-रसूल
नबी का जश्न आया है, फ़िदा हैं 'आशिक़ान-ए-रसूल
नबी का जश्न आया है, फ़िदा हैं 'आशिक़ान-ए-रसूल
जश्न-ए-आक़ा से हमें तो 'इश्क़ है और प्यार है
झूम जाओ, 'आशिक़ो ! कि आमद-ए-सरकार है
नबी का जश्न आया है, फ़िदा हैं 'आशिक़ान-ए-रसूल
नबी का जश्न आया है, फ़िदा हैं 'आशिक़ान-ए-रसूल
जश्न मीलाद का सब रहे हैं मना
बंदगान-ए-ख़ुदा 'आशिक़ान-ए-रसूल
नबी का जश्न आया है, फ़िदा हैं 'आशिक़ान-ए-रसूल
नबी का जश्न आया है, फ़िदा हैं 'आशिक़ान-ए-रसूल
जश्न-ए-आक़ा से हमें तो 'इश्क़ है और प्यार है
झूम जाओ, 'आशिक़ो ! कि आमद-ए-सरकार है
नबी का जश्न आया है, फ़िदा हैं 'आशिक़ान-ए-रसूल
नबी का जश्न आया है, फ़िदा हैं 'आशिक़ान-ए-रसूल
सरकार की आमद ! मरहबा !
दिलदार की आमद ! मरहबा !
मंठार की आमद ! मरहबा !
सब मिल कर बोलो ! मरहबा !
नबी का जश्न आया है, फ़िदा हैं 'आशिक़ान-ए-रसूल
नबी का जश्न आया है, फ़िदा हैं 'आशिक़ान-ए-रसूल
जश्न-ए-मीलाद से 'इश्क़ है, प्यार है
हैं मनाते सदा 'आशिक़ान-ए-रसूल
नबी का जश्न आया है, फ़िदा हैं 'आशिक़ान-ए-रसूल
नबी का जश्न आया है, फ़िदा हैं 'आशिक़ान-ए-रसूल
जश्न-ए-आक़ा से हमें तो 'इश्क़ है और प्यार है
झूम जाओ, 'आशिक़ो ! कि आमद-ए-सरकार है
नबी का जश्न आया है, फ़िदा हैं 'आशिक़ान-ए-रसूल
नबी का जश्न आया है, फ़िदा हैं 'आशिक़ान-ए-रसूल
माह-ए-मीलाद में ख़ूब लहराइए
घर पे झंडा हरा 'आशिक़ान-ए-रसूल
नबी का जश्न आया है, फ़िदा हैं 'आशिक़ान-ए-रसूल
नबी का जश्न आया है, फ़िदा हैं 'आशिक़ान-ए-रसूल
जश्न-ए-आक़ा से हमें तो 'इश्क़ है और प्यार है
झूम जाओ, 'आशिक़ो ! कि आमद-ए-सरकार है
नबी का जश्न आया है, फ़िदा हैं 'आशिक़ान-ए-रसूल
नबी का जश्न आया है, फ़िदा हैं 'आशिक़ान-ए-रसूल
सरकार की आमद ! मरहबा !
दिलदार की आमद ! मरहबा !
मंठार की आमद ! मरहबा !
सब मिल कर बोलो ! मरहबा !
नबी का जश्न आया है, फ़िदा हैं 'आशिक़ान-ए-रसूल
नबी का जश्न आया है, फ़िदा हैं 'आशिक़ान-ए-रसूल
आमद-ए-मुस्तफ़ा मरहबा मरहबा
सब लगाओ सदा 'आशिक़ान-ए-रसूल
नबी का जश्न आया है, फ़िदा हैं 'आशिक़ान-ए-रसूल
नबी का जश्न आया है, फ़िदा हैं 'आशिक़ान-ए-रसूल
जश्न-ए-आक़ा से हमें तो 'इश्क़ है और प्यार है
झूम जाओ, 'आशिक़ो ! कि आमद-ए-सरकार है
नबी का जश्न आया है, फ़िदा हैं 'आशिक़ान-ए-रसूल
नबी का जश्न आया है, फ़िदा हैं 'आशिक़ान-ए-रसूल
काश ! 'अत्तार का तयबा में ख़ातिमा
हो करो ये दु'आ, 'आशिक़ान-ए-रसूल !
नबी का जश्न आया है, फ़िदा हैं 'आशिक़ान-ए-रसूल
नबी का जश्न आया है, फ़िदा हैं 'आशिक़ान-ए-रसूल
जश्न-ए-आक़ा से हमें तो 'इश्क़ है और प्यार है
झूम जाओ, 'आशिक़ो ! कि आमद-ए-सरकार है
नबी का जश्न आया है, फ़िदा हैं 'आशिक़ान-ए-रसूल
नबी का जश्न आया है, फ़िदा हैं 'आशिक़ान-ए-रसूल
सरकार की आमद ! मरहबा !
दिलदार की आमद ! मरहबा !
मंठार की आमद ! मरहबा !
सब मिल कर बोलो ! मरहबा !
शायर:
मुहम्मद इल्यास अत्तार क़ादरी
ना'त-ख़्वाँ:
नूर आलम अत्तारी
इमरान शैख़ अत्तारी
मौलाना हाजी बिलाल रज़ा अत्तारी
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