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फिर करम हो गया मैं मदीने चाला

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फिर करम हो गया मैं मदीने चाला

फिर करम हो गया में मदीने चला

में मदीने चला में मदीने चला
मदीने चला मदीने चला मदीने चला

मदीने से बुलावा आ रहा है
मेरा दिल मुझसे पहले जा रहा है

में मदीने चला में मदीने चला
फिर करम हो गया में मदीने चला

कैफ सा छा गया में मदीने चला
मस्तो बेखुद बना में मदीने चला

में मदीने चला में मदीने चला

ज़हे क़िस्मत मदीने जा रहा हूँ
सआदत कैसी आला पा रहा हूँ
मेरे यारों मुझको सम्भालो
ख़ुशी से में तो मचला जा रहा हूँ

क्या बताऊँ मिली दिल को कैसी ख़ुशी
जब ये मुज़्दा सुना में मदीने चला

में मदीने चला में मदीने चला

हमको अपनी तालाब से सिवा चाहिए
आप जैसे हैं वैसी अता चाहिए
क्यों कहूं ये अता वो अता चाहिए
उनको मालूम हैं हमको क्या चाहिए
भरके जोली मेरी मेरे सरकार ने
मुस्कुरा कर कहा और क्या चाहिए

हाथ उठते रहे मुझको देते रहे
वो तालाब के सिवा में मदीने चला

में मदीने चला में मदीने चला

कितना रोशन मदीने का दरबार है
ज़र्रा ज़र्रा वहां का तो महताब है
है मुअत्तर मुअत्तर वहां की फ़ज़ा
तुम चलो ना चलो मैं चला में चला

मेरे आक़ा का दर होगा पेशे नज़र
चाहिए और क्या मैं मदीने चला

मैं मदीने चला मैं मदीने चला

जब गुम्बदे ख़ज़रा पे वो पहेली नज़र गयी
आँखों के रास्ते मेरे दिल में उतर गयी

गुम्बदे सब्ज़ पर जब पड़ेगी नज़र
क्या सुरूर आएगा में मदीने चला

मैं मदीने चला मैं मदीने चला

हरम की ज़मीं और क़दम रखके चलना
अरे सर का मौका है ओह जाने वाले !

मेरे गंदे क़दम और उनका हराम
लाज रखना खुदा में मदीने चला

मैं मदीने चला मैं मदीने चला

जिसने मदीने जाना करलो ऐ तैयारियां
बेडा मदीने वाला लेन्धा फे तरियां

क्या करेगा इधर बाँध रख्ते सफर
चल उबैदे राजा में मदीने चला

मैं मदीने चला मैं मदीने चला
Mohammad Wasim

Mohammad Wasim

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