प्यारी माँ ! मुझ को तेरी दु'आ चाहिए
तेरे आँचल की ठंडी हवा चाहिए
लोरी गा गा के मुझ को सुलाती है तू
मुस्कुरा कर सवेरे जगाती है तू
मुझ को इस के सिवा और क्या चाहिए
प्यारी माँ ! मुझ को तेरी दु'आ चाहिए
तेरी ममता के साए में फूलूँ-फलूँ
थाम कर तेरी ऊँगली मैं बढ़ती चलूँ
आसरा बस तेरे प्यार का चाहिए
प्यारी माँ ! मुझ को तेरी दु'आ चाहिए
तेरी ख़िदमत से दुनिया में 'अज़मत मेरी
तेरे क़दमों के नीचे है जन्नत मेरी
'उम्र-भर सर पे साया तेरा चाहिए
प्यारी माँ ! मुझ को तेरी दु'आ चाहिए
नशीद-ख़्वाँ:
हिबा मुज़म्मिल क़ादरी
आइशा अब्दुल बासित
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