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रसूल-ए-पाक की अता रज़ा रज़ा रज़ा रज़ा | है आशिक़ों का पेशवा रज़ा रज़ा रज़ा रज़ा

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रसूल-ए-पाक की अता रज़ा रज़ा रज़ा रज़ा | है आशिक़ों का पेशवा रज़ा रज़ा रज़ा रज़ा

रसूल-ए-पाक की 'अता, रज़ा रज़ा रज़ा रज़ा
है 'आशिक़ों का पेशवा, रज़ा रज़ा रज़ा रज़ा

तेरी हयात-ए-पाक थी नमूना-ए-कमाल-ए-'इश्क़
वो 'इश्क़ बे-मिसाल था, रज़ा रज़ा रज़ा रज़ा

रसूल-ए-पाक की 'अता, रज़ा रज़ा रज़ा रज़ा

तेरे तमाम दुश्मनों पे क़हर तारी हो गया
जूँही तेरा क़लम उठा, रज़ा रज़ा रज़ा रज़ा

रसूल-ए-पाक की 'अता, रज़ा रज़ा रज़ा रज़ा

तू 'आशिक़ों का है इमाम, सुन्नियों का शहनशाह
है 'इल्म-ओ-फ़न में मुक़्तदा, रज़ा रज़ा रज़ा रज़ा

रसूल-ए-पाक की 'अता, रज़ा रज़ा रज़ा रज़ा

तेरे क़दम की ख़ाक गर हमें मुयस्सर आ गई
बनेगी सुर्मा आँख का, रज़ा रज़ा रज़ा रज़ा

रसूल-ए-पाक की 'अता, रज़ा रज़ा रज़ा रज़ा

इलाही ! बख़्श दे रिज़ा तू अपने इस हक़ीर को
तुझे रज़ा का वास्ता, रज़ा रज़ा रज़ा रज़ा

रसूल-ए-पाक की 'अता, रज़ा रज़ा रज़ा रज़ा

करीम रब ! तू फ़ज़्ल से दु'आ मेरी क़बूल कर
ज़बाँ पे बस रहे सदा, रज़ा रज़ा रज़ा रज़ा

रसूल-ए-पाक की 'अता, रज़ा रज़ा रज़ा रज़ा

तू फ़ख़्र-ए-मिल्लत-ए-नबी, हमारे सर का ताज है
तेरा मक़ाम है वरा, रज़ा रज़ा रज़ा रज़ा

रसूल-ए-पाक की 'अता, रज़ा रज़ा रज़ा रज़ा

है फ़ानी-ए-हज़ीं भी इक तेरा गदा-ए-आस्ताँ
हो चारा इस के दर्द का, रज़ा रज़ा रज़ा रज़ा

रसूल-ए-पाक की 'अता, रज़ा रज़ा रज़ा रज़ा


शायर:

मुहम्मद अश्फ़ाक़ अत्तारी

ना'त-ख़्वाँ:

मुहम्मद अश्फ़ाक़ अत्तारी

Mohammad Wasim

Mohammad Wasim

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