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साडा कमली वाला आया

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साडा कमली वाला आया

रल ख़ुशियाँ यार मनाओ, अल्लाह ने करम कमाया
साडा कमली वाला आया

अज होइयाँ चार चुफेरे ओहदे करम दियाँ बरसाताँ
होया नूर दा नूरी चानन, सब मुकियाँ कालियाँ राताँ
तुसी फ़र्शियो फ़र्श सजाओ, अल्लाह वी अर्श सजाया
साडा कमली वाला आया

चन चढ़ेया ख़ुशियाँ वाला, दो-जग दा आया वाली
सिर ओ ते ताज शफ़ाअ'त, नबियाँ तों शान निराली
दो-जग ते उस दा साया, जिह्दे जिस्म दा कोई नैं साया
साडा कमली वाला आया

वाह ! भाग हलीमा तेरे तैनूं मिल्या कमली वाला
तेरी झोली दे विच आया जेह्ड़ा दो-जग दा रखवाला
नैं मिल्या होर किसे नूं, तैनूं मिल्या जो सरमाया
साडा कमली वाला आया

दो-जग दे अंदर होइयाँ ओह्दे नूर दियाँ रुशनाइयाँ
फ़र्शां दी गल इक पासे पैयाँ अर्शों पार दुहाइयाँ
सोंह रब दी ! दो-जग अंदर ओह्दा पाया किसे नैं पाया
साडा कमली वाला आया

मंगदा नैं नियाज़ी शाही, नैं मंगदा होर ख़ज़ीना
मैं अपणी विच हयाती तक लां इक वार मदीना
अपणे महबूब दे सदक़े ! कर पूरी आस ख़ुदाया !
साडा कमली वाला आया

रल ख़ुशियाँ यार मनाओ, अल्लाह ने करम कमाया
साडा कमली वाला आया


शायर:

मौलाना अब्दुल सत्तार नियाज़ी

नातख्वां:

मीलाद रज़ा क़ादरी

Mohammad Wasim

Mohammad Wasim

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