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ताजदारे मदीना के जलवे जिनके दिल में समाए हुए हैं

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ताजदारे मदीना के जलवे जिनके दिल में समाए हुए हैं

ताजदारे मदीना के जलवे
जिनके दिल में समाए हुए हैं
दूर रह कर वो पुर-ब-आशनां हैं
दिल मदीना बनाये हुए हैं

जिनको उनकी तवज्जोह ने पाला
उनकी रेहमत ने जिनको नवाज़ा
उन गदाओं का क्या पूछते हो
वो ज़माने पे छाये हुए हैं

ताजदारे मदीना के जलवे
जिनके दिल में समाए हुए हैं

मेरे आक़ा की जिन पर नज़र है
दोनों आलम की उनको खबर है
जिनका मक़सूद उनका ही दर है
सारे आसरा वो पाए हुए हैं

ताजदारे मदीना के जलवे
जिनके दिल में समाए हुए हैं

आले अतहर का सदक़ा अता हो
मुफलिसी का हमारी भला हो
अये सखी आपके दर पे हम भी
दामने दिल बिछाए हुए हैं

ताजदारे मदीना के जलवे
जिनके दिल में समाए हुए हैं

तीस पारों में जो कुछ लिखा है
सर ब सर सीरते मुस्तफा है
उनकी सीरत में जो ढल गया है
उस पे रेहमत के साये हुए हैं

ताजदारे मदीना के जलवे
जिनके दिल में समाए हुए हैं

मेरी औक़ात कुछ भी नहीं है
खुद मेरी ज़ात कुछ भी नहीं है
मेरे सरकार का ये करम है
बात मेरी बनाये हुए हैं

ताजदारे मदीना के जलवे
जिनके दिल में समाए हुए हैं

आरज़ू-इ-करम दिल में ले कर
खालिद उनके सखी आस्तां पर
अंगलिया औलिया असफिया सब
अपने कासे बढ़ाये हुए हैं

ताजदारे मदीना के जलवे
जिनके दिल में समाए हुए हैं

Mohammad Wasim

Mohammad Wasim

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