तेरा खावां में तेरे गीत गावां या रसूलल्लाह
तेरा मिलाद में क्यों ना मनावाँ या रसूलल्लाह
हलीमा कर कदी वेखे, कदी सरकार न वेखे
में केडी सेज तेरे लइ सजांवां या रसूलल्लाह
तेरा मिलाद में क्यों ना मनावाँ या रसूलल्लाह
मेरा दिल वी ए चोंदा ए तुसी मेरे वी घर आओ
में कड़े मान थी तेनुं बुलावां या रसूलल्लाह
तेरा मिलाद में क्यों ना मनावाँ या रसूलल्लाह
जगाओ भाग मेरे वी अबू अय्यूब दे वागों
मुक़द्दर ओस दा केथो ले आवां या रसूलल्लाह
तेरा मिलाद में क्यों ना मनावाँ या रसूलल्लाह
में कुछ वी नईं च तेरे नाल मेरी कोई निस्बत नईं
में सब कुछ हाँ च में तेरा सडावां या रसूलल्लाह
तेरा मिलाद में क्यों ना मनावाँ या रसूलल्लाह
सुना है आप हर आशिक़ के घर तशरीफ़ लाते हैं
मेरे घर में भी हो जाए चरागाँ या रसूलल्लाह
तेरा मिलाद में क्यों ना मनावाँ या रसूलल्लाह
मदीने पाक दे अंदर मेरी ऐ ओ इबादत अये
तेरे रोज़े तो ना नज़रां हटावां या रसूलल्लाह
तेरा मिलाद में क्यों ना मनावाँ या रसूलल्लाह
एक टिप्पणी छोड़ें
आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा। आवश्यक फ़ील्ड * से चिह्नित हैं




