तेरे जलवों की ताबानी मोइनुद्दीन अजमेरी,
है मुल्क ए हिंद नूरानी मोइनुद्दीन अजमेरी।
बरसता है मदीने का सकीना तेरे रौज़े पर,
है जलवों से तू नूरानी मोइनुद्दीन अजमेरी।
ज़माने में हुआ मशहूर और मकबूल तैयबा में,
तुम्हारा इश्क़ ए रब्बानी मोइनुद्दीन अजमेरी ।
किया करते हैं शाहाने ज़माना एक मुद्दत से,
तेरे दर की निगेहबानी मोइनुद्दीन अजमेरी ।
तुम्हारे नाम की खैरात बटती है ज़माने में,
पिला दो जाम ए इरफानी मोइनुद्दीन अजमेरी ।
सता ले जिस क़दर चाहे मुझे ऐ गर्दिशे दौरा,
है चारा साज़ ए रूहानी मोइनुद्दीन अजमेरी ।
रिहाई दो गुलामों को गम ए दुनिया के झगड़ों से,
तुम्हारी हो मेहर बानी मोइनुद्दीन अजमेरी ।
मदद को आइए अब जल्द तर अपने गुलामों की,
पड़ी मौजो पे तुग्यानी मोइनुद्दीन अजमेरी ।
न छूटे साथ खुश्तर का रहे साया फिगन सर पर
तुम्हारा फ़ैज़ ए रूहानी मोइनुद्दीन अजमेरी ।
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