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तेरे नाल बहारां आइयां, के आशिकां दी गल बन गयी

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तेरे नाल बहारां आइयां, के आशिकां दी गल बन गयी

तेरी महफ़िल में सजावां, में तेरे नारे लावां
तेरे नाल बहारां आइयां, के आशिकां दी गल बन गयी

गालियां महोल्ले याची शोर मच गयासी
जग मेरे आक़ा नु हलीमा चूक लेयां
हाथ मॉल दियां रह गइयाँ दाइयाँ
के आशिकां दी गल बन गयी

तेरे नाल बहारां आइयां, के आशिकां दी गल बन गयी

दुखां देया मारेयानु हासे मिल गयाने
रोदेयां यतीमानूँ सहारे मिल गए
जदो आशिकाने खुशियां मनइयां
के आशिकां दी गल बन गयी

तेरे नाल बहारां आइयां, के आशिकां दी गल बन गयी

मक्के विच आइयां हरियालियाँ ने दोस्तों
हर पासे होइयाँ हयालियाँ ने दोस्तों
गली गली विच मचियाँ दुहाइयाँ
के आशिकां दी गल बन गयी

तेरे नाल बहारां आइयां, के आशिकां दी गल बन गयी

सजना दे वेरियाँ दा पता लग जाना अये
जद ऐसी आक़ा दा मिलाद मनाना
जद सजना ने गलियां सजाइयाँ
के आशिकां दी गल बन गयी

तेरे नाल बहारां आइयां, के आशिकां दी गल बन गयी

खिज़र मदीने दी बहार तो में सदक़े
मदनी दे सोहने किरदार तो में सदक़े
जद कैदियानु मिलियाँ रिहाइयाँ
के आशिकां दी गल बन गयी

तेरे नाल बहारां आइयां, के आशिकां दी गल बन गयी
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Mohammad Wasim

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