रज़ा रज़ा रज़ा ! रज़ा रज़ा रज़ा !
नसीब वाले देखते हैं ख़्वाब में हुज़ूर को
मगर किसी ने जागते देखा है हक़ के नूर को
है ऐसा कौन, दोस्तो ! बताता हूँ सुनो सुनो
वो 'इश्क़ का इमाम है, रज़ा उसी का नाम है
'उश्शाक़-ए-शह-ए-दीं का जो सरदार बना है
वो मेरा रज़ा, मेरा रज़ा, मेरा रज़ा है
जो 'आशिक़-ए-सिद्दीक़-ओ-'उमर और ग़नी है
हसनैन का दीवाना है, शैदा-ए-'अली है
बेबाक मुजद्दिद है जो अल्लाह का वली है
सुल्तान-ए-बरेली है जो आक़ा की 'अता है
वो मेरा रज़ा, मेरा रज़ा, मेरा रज़ा है
'उश्शाक़-ए-शह-ए-दीं का जो सरदार बना है
वो मेरा रज़ा, मेरा रज़ा, मेरा रज़ा है
जो मुफ़्ती नक़ी ख़ान का है लाडला बेटा
है भाई बड़ा हज़रत-ए-उस्ताज़-ए-ज़मन का
जो फ़ख़्र-ए-सुनन मुफ़्ती-ए-आ'ज़म का है बाबा
वो जिस ने हर इक सुन्नी पे एहसान किया है
वो मेरा रज़ा, मेरा रज़ा, मेरा रज़ा है
'उश्शाक़-ए-शह-ए-दीं का जो सरदार बना है
वो मेरा रज़ा, मेरा रज़ा, मेरा रज़ा है
आ'ला हज़रत ! है आ'ला मक़ाम आप का
इस लिए हर ज़बाँ पर है नाम आप का
सब से औला व आ'ला हमारा नबी
सब से बाला व वाला हमारा नबी
कितना मक़बूल है ये कलाम आप का
इस लिए हर ज़बाँ पर है नाम आप का
वो जिस के ख़लीफ़ाओं में है सदर-ए-शरी'अत
और पोता भी है जिस का बना ताज-ए-शरी'अत
वो कहते हैं जिस को सभी हज़रात का हज़रत
जो सर-ता-क़दम 'इश्क़-ओ-मोहब्बत है वफ़ा है
वो मेरा रज़ा, मेरा रज़ा, मेरा रज़ा है
'उश्शाक़-ए-शह-ए-दीं का जो सरदार बना है
वो मेरा रज़ा, मेरा रज़ा, मेरा रज़ा है
ख़ुश्बू से ही पहचानता है आल-ए-नबी को
काँधों पे बिठाता है जो औलाद-ए-'अली को
वो 'इश्क़-ए-नबी जिस ने सिखाया है सभी को
वो जिस ने हमें दर्स मोहब्बत का दिया है
वो मेरा रज़ा, मेरा रज़ा, मेरा रज़ा है
'उश्शाक़-ए-शह-ए-दीं का जो सरदार बना है
वो मेरा रज़ा, मेरा रज़ा, मेरा रज़ा है
तहरीर में, तक़रीर में सानी नहीं जिस का
नामूस-ए-मुहम्मद पे जो देता रहा पहरा
असहाब-ए-नबी, आल-ए-नबी का है जो शैदा
वो कौन है ? वल्लाह ! बरेली का रज़ा है
वो मेरा रज़ा, मेरा रज़ा, मेरा रज़ा है
'उश्शाक़-ए-शह-ए-दीं का जो सरदार बना है
वो मेरा रज़ा, मेरा रज़ा, मेरा रज़ा है
कर उस की सदा शान बयाँ, शौक़-ए-फ़रीदी !
जिस ने शह-ए-बतहा की सदा शान बयाँ की
जो जान है, पहचान है हम अहल-ए-सुनन की
वो जिस ने हमें रास्ता जन्नत का दिया है
वो मेरा रज़ा, मेरा रज़ा, मेरा रज़ा है
'उश्शाक़-ए-शह-ए-दीं का जो सरदार बना है
वो मेरा रज़ा, मेरा रज़ा, मेरा रज़ा है
शायर:
मुहम्मद शौक़ीन नवाज़ शौक़ फ़रीदी
ना'त-ख़्वाँ:
सय्यिद अर्सलान शाह क़ादरी
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