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या ख़्वाजा करम कर करम की गड़ी है

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या ख़्वाजा करम कर करम की गड़ी है

या ख़्वाजा करम कर, करम की गड़ी है  

मेरी ज़िन्दगी हाथ जोड़े खड़ी है 
मुक़द्दर की कश्ती भंवर में पड़ी है
मेरी ज़िन्दगी हाथ जोड़े खड़ी है 

या ख़्वाजा करम कर, करम की गड़ी है  
मेरी ज़िन्दगी हाथ जोड़े खड़ी है 

 

चिश्तिया पियाला गुलशन न छूटे
सभी छूटे पर तेरा आँगन न छूटे
मैं मर जाऊं हाथों से दामन न छूटे
तमन्ना यही और दुआ भी यही है 

या ख़्वाजा करम कर, करम की गड़ी है  
मेरी ज़िन्दगी हाथ जोड़े खड़ी है 

कहते हैं तुम से ये अश्कों के धारे 
बुरे ही सही , हैं मगर हम तुम्हारे
कहाँ जाएंगे बे-नवा बे-सहारे
तेरे दर से ही आस सबको लगी है 

या ख़्वाजा करम कर, करम की गड़ी है  
मेरी ज़िन्दगी हाथ जोड़े खड़ी है 

तुझे 'इल्म है मेरे हालत क्या हैं
तुझे है ख़बर मेरी औक़ात क्या है
अगर तू नवाज़े तो फिर बात क्या है
बड़ा तू है और बात तेरी बड़ी है

या ख़्वाजा करम कर, करम की गड़ी है  
मेरी ज़िन्दगी हाथ जोड़े खड़ी है 

घर में तो तेरा तुग़रा लगा है
दीवाना तेरा पर यही कह रहा है
तू घर में नहीं मेरी रूह में बसा है
मेरे दिल की दुनिया तुझी से सजी है 

या ख़्वाजा करम कर, करम की गड़ी है  
मेरी ज़िन्दगी हाथ जोड़े खड़ी है 

ग़रीबी से जलने लगा मेरा सीना
'अता कर दे अपने करम का सफीना
मुझे भेज दे भेज दे अब मदीना
तेरी तो वहाँ रोज़ ही हाज़री है 

या ख़्वाजा करम कर, करम की गड़ी है  
मेरी ज़िन्दगी हाथ जोड़े खड़ी है 

Mohammad Wasim

Mohammad Wasim

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