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या मुस्तफ़ा या मुस्तफ़ा | तू है आशिक़-ए-नबी सब को ये बताए जा

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या मुस्तफ़ा या मुस्तफ़ा | तू है आशिक़-ए-नबी सब को ये बताए जा
या मुस्तफ़ा ! या मुस्तफ़ा ! या मुस्तफ़ा !

तू है 'आशिक़-ए-नबी सब को ये बताए जा
मुस्तफ़ा के 'इश्क़ में महफ़िलें सजाए जा

या मुस्तफ़ा ! या मुस्तफ़ा !
या मुस्तफ़ा ! या मुस्तफ़ा !

जश्न-ए-आमद-ए-नबी, जश्न-ए-आमद-ए-नबी
दिल से तू मनाए जा, दिल से तू मनाए जा

या मुस्तफ़ा ! या मुस्तफ़ा !
या मुस्तफ़ा ! या मुस्तफ़ा !

दामन-ए-नबी पकड़ और ख़ुदा का नाम ले
परचम-ए-नबी को तू आगे बढ़ के थाम ले

या मुस्तफ़ा ! या मुस्तफ़ा !
या मुस्तफ़ा ! या मुस्तफ़ा !

ना'रा-ए-मुहम्मदी, ना'रा-ए-मुहम्मदी
ज़ोर से लगाए जा, ज़ोर से लगाए जा

या मुस्तफ़ा ! या मुस्तफ़ा !
या मुस्तफ़ा ! या मुस्तफ़ा !

गुफ़्तुगू की इब्तिदा कर तू लफ़्ज़ तोल कर
दिल सभी का जीत ले मीठे बोल बोल कर

या मुस्तफ़ा ! या मुस्तफ़ा !
या मुस्तफ़ा ! या मुस्तफ़ा !

जिन से तुझ को 'इश्क़ है, जिन से तुझ को 'इश्क़ है
उन के गीत गाए जा, उन के गीत गाए जा

या मुस्तफ़ा ! या मुस्तफ़ा !
या मुस्तफ़ा ! या मुस्तफ़ा !

मुर्शिदी की बात को अपने पल्ले बाँध ले
सामने जो आए वो उन को हाथों हाथ ले

या मुस्तफ़ा ! या मुस्तफ़ा !
या मुस्तफ़ा ! या मुस्तफ़ा !

वक़्त को जगाए जा, वक़्त को जगाए जा
दिल में घर बनाए जा, दिल में घर बनाए जा

या मुस्तफ़ा ! या मुस्तफ़ा !
या मुस्तफ़ा ! या मुस्तफ़ा !

दामन-ए-मुराद को अपने तू दु'आ से भर
सीरत-ए-नबी से तू फ़ाइदा उठाए जा

या मुस्तफ़ा ! या मुस्तफ़ा !
या मुस्तफ़ा ! या मुस्तफ़ा !


ना'त-ख़्वाँ:
ग़ुलाम मुस्तफ़ा क़ादरी
Mohammad Wasim

Mohammad Wasim

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