नात-शरीफरोज़-ओ-शब जोश पे रहमत का है दरिया तेरा | तज़मीन - वाह ! क्या जूद-ओ-करम है, शह-ए-बतहा ! तेरासित. 20, 20231 मिनट पढ़ें10,661 दृश्य